भोपाल.
प्रदेश में महिलाओं को सुरक्षित गर्भपात की सुविधा समय पर और बेहतर तरीके से उपलब्ध कराने के लिए राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन मध्य प्रदेश ने नई व्यवस्था लागू की है। अब हर जिले में साल में दो बार सुरक्षित गर्भपात सेवाएं देने वाले प्रशिक्षित डॉक्टरों और नर्सों की समीक्षा बैठक होगी।
इसमें मैदानी स्तर पर आने वाली तकनीकी और अन्य समस्याओं को सुना जाएगा और उनके समाधान की प्रक्रिया तय की जाएगी।
जिला स्वास्थ्य अधिकारी करेंगे बैठक
एनएचएम की वरिष्ठ संयुक्त संचालक ने इस संबंध में सभी मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारियों को निर्देश जारी किए हैं। इसके तहत जिला स्तरीय समिति की बैठक के साथ जिला स्तरीय समिति सह समीक्षा बैठक आयोजित करना अनिवार्य किया गया है। बैठक की अध्यक्षता जिला स्वास्थ्य अधिकारी-1 करेंगे।
दवाओं और व्यवस्थाओं पर फोकस
इसमें जिला कार्यक्रम प्रबंधक, जिला सामुदायिक संगठक, शहरी आशा कार्यकर्ता और सुरक्षित गर्भपात सेवाएं देने वाले प्रशिक्षित चिकित्सा अधिकारी व नर्स शामिल होंगे। इन्हें नोटिस देकर बैठक में बुलाना होगा। बैठक में एमएमए किट और एमवीए किट की उपलब्धता, दवाओं की स्थिति, उपकरणों और रेफरल व्यवस्था की समीक्षा होगी। जिले के स्टोर प्रभारी को भी बैठक में बुलाया जाएगा। यह बैठक वर्ष में दो बार होगी। 2026-27 के लिए प्रति जिला प्रति बैठक 3000 रुपये का बजट स्वीकृत किया गया है।
What do you feel about this post?
Like
Love
Happy
Haha
Sad
