जालोर
नेशनल हाइवे कनेक्टिविटी का खामियाजा भुगत रहे जालोर जिले को बड़ी सौगात मिलने वाली है। जालोर-रोहिट के बीच भाद्राजून तहसील क्षेत्र से होकर गुजरने वाले जयपुर-पचपदरा एक्सप्रेस-वे से जिलेवासियों को भविष्य में जयपुर तक बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी। इसके लिए प्रक्रिया चल रही है। यह कार्य एनएचएआई के अंतर्गत किया जाना होना है। विभागीय जानकारी के अनुसार बाड़मेर के पचपदरा में रिफाइनरी शुरू होने और भविष्य की जरुरतों को देखते हुए राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) की ओर से ये कार्य करवाए जाएंगे। इस मार्ग का दायरा जालोर जिले के भीतर भी है। इसलिए इसका सीधा फायदा जालोर जिले को भी मिलने वाला है। औद्योगिक विकास की दृष्टि से यह भविष्य का प्रोजेक्ट साबित होगा।
इस कनेक्टिविटी से जालोर को भी फायदा
393 किलोमीटर लंबा यह ग्रीन एक्सप्रेस-वे बगरू (जयपुर) से शुरू होकर सांगानेर, फागी, मौजमाबाद, दूदू, अराई, किशनगढ़, नसीराबाद, भिनाय, मसूदा, विजयनगर, ब्यावर, पाली, रोहिट, भाद्राजून (जालोर) और समदड़ी होते हुए सीधे पचपदरा रिफाइनरी तक जाएगा। विभागीय जानकारी के अनुसार आहोर विधानसभा के भाद्राजून तहसील क्षेत्र के अंतर्गत एक्सप्रेस वे का दायरा करीब 10 किलोमीटर रहेगा।
यह है प्रोजेक्ट और इसकी मंशा
दो साल पहले राज्य बजट में घोषित जयपुर-पचपदरा ग्रीन एक्सप्रेस-वे परियोजना की डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) अंतिम चरण में पहुंच गई है और भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया भी शुरू हो चुकी है। डीपीआर पूरी होने के बाद परियोजना का मैदानी काम शुरू होने की तैयारी है।
इधर, जालोर-झालावाड़ एक्सप्रेस-वे से भी उम्मीद
राज्य बजट में जालोर-झालावाड़ा एक्सप्रेस वे की घोषणा हुई थी। यह प्रोजेक्ट जालोर में अमृतसर-जामनगर इकोनॉमिक कॉरिडोर से शुरू होकर झालावाड़ में दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे से जुड़ेगा। इसकी लंबाई 402 किमी है। एक्सप्रेस-वे के पूरा होने पर सफर में सिर्फ 4 घंटे लगेंगे। इन प्रोजेक्ट की क्रियान्विति से जालोर के औद्योगिक विकास को बड़े स्तर पर फायदा होगा।
इस तरह का फायदा
जालोर से भारतमाला एक्सप्रेस वे करीब 60 किमी दूर जीवाणा और 80 किमी दूर बागोड़ा में है। जालोर से सर्वाधिक आवाजाही गुजरात, जोधपुर और जयपुर की तरफ होती है, लेकिन वर्तमान में इन शहरों तक बेहतर कनेक्टिविटी का अभाव है। भाद्राजून के पास एक्सप्रेस की कनेक्टिविटी मिलने पर जिलेवासियों को मात्र 30 से 40 किमी दायरे में ही बेहतर एक्सपे्रेस वे कोरिडोर मिलेगा। इससे एक तरफ पचपदरा होते हुए गुजरात तक आजवाही आसान होगी। वहीं इसी रूट से जयपुर तक भी सीधा एक्सप्रेस वे का विकल्प मौजूद रहेगा।
ग्रेनाइट उद्योग को बड़ा फायदा
जालोर-झालावाड़ ग्रीन फील्ड एक्सप्रेस वे की डीपीआर का काम अंतिम चरण में है। यह प्रोजेक्ट तैयार होने पर झालावाड़ा के पास दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे कोरिडोर से कनेक्टिविटी मिल जाएगी। इसका सर्वाधिक फायदा जालोर की ग्रेनाइट इकाइयों को होगा। जालोर से देश के हर कोने तक तैयार माल पहुंचाना आसान होगा।
चल रही है प्रक्रिया
एचएचएआई के प्रोजेक्ट डायरेक्टर हरिसिंह गिला ने बताया कि इस अहम प्रोजेक्ट की क्रियान्विति के लिए प्रक्रिया चल रही है। इस प्रोजेक्ट का एक हिस्सा आहोर तहसील क्षेत्र से होकर गुजरेगा।
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