चंडीगढ़
यूनेस्को वर्ल्ड हेरिटेज कालका-शिमला रेलवे रूट पर 6 अगस्त से टॉय ट्रेनें फिर से शुरू होने की उम्मीद है। नॉर्दर्न रेलवे ने कहा कि अगर मौसम ठीक रहा और लैंडस्लाइड का खतरा कम हुआ तो 1 से 5 अगस्त तक रोकी गई सर्विस फिर से शुरू कर दी जाएंगी। शिमला और आसपास के पहाड़ी इलाकों में लगातार बारिश की वजह से रेलवे ट्रैक पर पत्थर और मलबा गिरने का खतरा बढ़ गया था। इसे देखते हुए रेलवे ने यात्रियों और कर्मचारियों की सुरक्षा को देखते हुए चार ट्रेनों की आवाजाही कुछ समय के लिए रोक दी थी। इस बीच, ट्रैक की लगातार मॉनिटरिंग और सफाई का काम चल रहा है। रेलवे ने 6 अगस्त के लिए टॉय ट्रेनों की ऑनलाइन बुकिंग भी शुरू कर दी है। जानकारी के मुताबिक, ट्रेन नंबर 52451 में अभी भी सीटें खाली हैं। रेलवे अधिकारियों का कहना है कि मौसम और ट्रैक की स्थिति का रिव्यू करने के बाद ही सर्विस पूरी तरह से बहाल की जाएंगी।
लैंडस्लाइड के खतरे की वजह से चार ट्रेनें प्रभावित
लगातार बारिश की वजह से कालका-शिमला रूट पर ये ट्रेनें कुछ समय के लिए कैंसिल कर दी गई हैं
52451/52452 – शिवालिक डीलक्स एक्सप्रेस (कालका-शिमला-कालका)
52459/52460 – कालका-शिमला एक्सप्रेस (कालका-शिमला-कालका)
रेलवे ने कहा कि रूट पर तीन और ट्रेनें हालात के हिसाब से चल रही हैं।
इंजीनियरिंग टीमें लगातार ट्रैक पर रख रही हैं नजर
रेलवे की इंजीनियरिंग टीमें रेगुलर तौर पर प्रभावित इलाकों का इंस्पेक्शन कर रही हैं। कमज़ोर जगहों से मलबा हटाने के साथ-साथ, हर ट्रेन के चलने से पहले ट्रैक का इंस्पेक्शन किया जा रहा है, ताकि यात्रियों की सुरक्षा पक्की हो सके।
पैसेंजर की सुरक्षा पहली प्राथमिकता: यशंजीत सिंह
अंबाला डिवीजन के सीनियर डिविजनल कमर्शियल मैनेजर यशंजीत सिंह ने कहा कि लगातार बारिश और लैंडस्लाइड के खतरे को देखते हुए चार ट्रेन सर्विस 5 अगस्त तक रोक दी गई हैं। उन्होंने कहा कि ट्रैक के ऑपरेशन के लिए पूरी तरह से सुरक्षित घोषित होने के बाद ही सर्विस फिर से शुरू की जाएंगी।
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