आपात सेवा को स्मार्ट बनाएगा बिहार, दस मिनट में पहुंचेगी पुलिस टीम

राज्य

पटना
 बिहार में आपातकालीन पुलिस सेवा डायल-112 को और अधिक हाईटेक बनाने की तैयारी है। अब मुख्यालय स्तर से डायल-112 की गाड़ियों और उसमें तैनात पुलिसकर्मियों की गतिविधियों पर लाइव नजर रखने की योजना है।

इसके लिए डायल-112 वाहनों में डैश कैमरे और पुलिसकर्मियों की वर्दी पर बॉडी-वॉर्न कैमरे लगाने का प्रस्ताव तैयार किया गया है।

पुलिस मुख्यालय की ओर से यह प्रस्ताव डीजीपी विनय कुमार के पास भेजा गया है। मंजूरी मिलने के बाद कैमरों के जरिए यह देखा जा सकेगा कि डायल-112 की कौन सी गाड़ी किस लोकेशन पर है और ड्यूटी के दौरान पुलिसकर्मी क्या गतिविधियां कर रहे हैं।

डैश कैमरे से रिकॉर्ड होगी गाड़ी की पूरी मूवमेंट
डायल-112 के नए वाहनों में पहले से डैश कैमरे और अन्य आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराने की योजना है। इसके लिए नए वाहनों की खरीद का प्रस्ताव भी तैयार किया गया है।

इस व्यवस्था का उद्देश्य पुलिस रिस्पांस सिस्टम को ज्यादा पारदर्शी और प्रभावी बनाना है। कैमरों के जरिए वाहन की लोकेशन और मौके पर पुलिस टीम की कार्रवाई से जुड़ी जानकारी मुख्यालय स्तर तक पहुंचाने की व्यवस्था विकसित की जाएगी।

10 मिनट से भी कम करना है रिस्पांस टाइम
पुलिस मुख्यालय डायल-112 की सेवा का आधुनिकीकरण कर रिस्पांस टाइम को और कम करना चाहता है।

लक्ष्य है कि आपातकालीन कॉल मिलने के बाद पुलिस टीम दस मिनट से भी कम समय में मौके पर पहुंच सके।

इसके लिए डायल-112 को स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत स्थापित इमरजेंसी कॉल बाक्स और इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर से जोड़ने की योजना है। इससे आपात स्थिति में सूचना और पुलिस रिस्पांस के बीच बेहतर समन्वय हो सकेगा।

NHAI से लेकर रेलवे और एंबुलेंस सेवा भी जुड़ेगी
डायल-112 को सिर्फ पुलिस सेवा तक सीमित रखने के बजाय दूसरी आपातकालीन सेवाओं के साथ जोड़ने की तैयारी है।

इसके लिए भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI), रेलवे, परिवहन विभाग, निजी एंबुलेंस और ट्रामा सेवाओं को डायल-112 से जोड़ने का प्रस्ताव है।

इस व्यवस्था से सड़क दुर्घटना या अन्य आपात स्थिति में अलग-अलग एजेंसियों के बीच तेजी से समन्वय स्थापित किया जा सकेगा। पुलिस मुख्यालय ने इस दिशा में काम भी शुरू कर दिया है।

महिलाओं के लिए एक क्लिक पर मिलेगी मदद
डायल-112 के तहत सितंबर 2024 से महिलाओं के लिए सुरक्षित सफर की सुविधा उपलब्ध है। अब तक इस सेवा की मदद से 224 महिलाओं को सुरक्षित गंतव्य तक पहुंचाने में सहायता की जा चुकी है।

अब महिलाओं की सुरक्षा के लिए एक विशेष मोबाइल एप शुरू करने का प्रस्ताव है। इसका उद्देश्य ऐसी स्थिति में भी महिलाओं तक मदद पहुंचाना है, जब वे खुलकर फोन करके अपनी परेशानी नहीं बता पा रही हों।

चुपचाप पुलिस और स्वजन को भेज सकेंगी अलर्ट
प्रस्तावित एप के जरिए महिला बिना किसी का ध्यान आकर्षित किए पुलिस और अपने स्वजन को संदेश भेज सकेगी।

आपात स्थिति में एक क्लिक के माध्यम से मदद मांगने की सुविधा उपलब्ध कराने की योजना है।

एप के जरिए महिला की लाइव लोकेशन कंट्रोल रूम तक पहुंच सकेगी। इससे पुलिस को महिला की स्थिति और स्थान की जानकारी तेजी से मिलेगी और जरूरत के अनुसार सहायता भेजना आसान होगा।

टेक्नोलॉजी से मजबूत होगी डायल-112 सेवा
एडीजी तकनीकी एवं वितंतु सेवा अमित लोढ़ा ने बताया कि डायल-112 सेवा को लगातार बेहतर बनाने का काम किया जा रहा है। इसी क्रम में वाहनों पर डैश कैमरा लगाने का प्रस्ताव है।

उन्होंने कहा कि महिलाओं की सुरक्षा के लिए भी नए एप की सुविधा जल्द उपलब्ध कराने की दिशा में काम किया जा रहा है।

इन तकनीकी बदलावों से डायल-112 की निगरानी, रिस्पांस और महिला सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने की उम्मीद है।

 

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