देवघर
अब तक ई-केवाईसी नहीं कराने वाले घरेलू एलपीजी उपभोक्ताओं की मुश्किलें बढ़ सकती है। 15 अगस्त तक अनिवार्य रूप से ई-केवाईसी नहीं कराया तो सरकार और तेल कंपनियों के निर्देशानुसार निर्धारित तिथि के बाद उन्हें घरेलू दर की बजाय व्यावसायिक (कामर्शियल) दर पर गैस सिलेंडर खरीदना पड़ सकता है। जिसकी कीमत घरेलू सिलेंडर से दोगुनी से भी अधिक होती है।
इतना ही नहीं संबंधित उपभोक्ता का गैस कनेक्शन अस्थायी रूप से ब्लाक या आवश्यक प्रक्रिया पूरी नहीं होने पर रद भी किया जा सकता है। यह नियम सामान्य घरेलू उपभोक्ताओं के साथ-साथ प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों पर भी समान रूप से लागू होगा।
यह जानकारी तारा इंटरप्राइजेज के प्रोपराइटर पवन कुमार, शिवम इंडेन के राजेश रोशन, बाबा इंडेन के अशोक यादव व बैद्यनाथ इंडेन के राजेश रंजन ने दी है।
42561 एलपीजी उपभोक्ताओं ने अब तक ई-केवाईसी नहीं कराया
बताया कि जिला में लगभग 42561 एलपीजी उपभोक्ताओं ने अब तक ई-केवाईसी नहीं कराया है। बताया कि ई-केवाईसी की प्रक्रिया बेहद सरल है। उपभोक्ता अपने स्मार्टफोन से इंडियन आयल वन एप के माध्यम से घर बैठे निश्शुल्क फेस आथेंटिकेशन कर ई-केवाईसी पूरी कर सकते हैं।
इसके अलावा वे अपनी गैस एजेंसी या एलपीजी डिलीवरी कर्मी की सहायता से भी यह प्रक्रिया पूरी करा सकते हैं। उन्होंने सभी उपभोक्ताओं से अंतिम तिथि का इंतजार नहीं करने और जल्द से जल्द ई-केवाईसी पूरा कराने की अपील की गई है, ताकि गैस आपूर्ति में किसी प्रकार की बाधा न आए।
जिला में किस एजेंसी के पास कितने उपभोक्ताओं ने नहीं कराया है ई-केवाईसी
अब ई-केवाईसी नहीं कराने वाले उपभोक्ताओं की संख्या 42561 है। जिसमें बाबा इंडेन के 4439, बैद्यनाथ इंडेन के 4093, बासुकीनाथ इंडेन के 3293, जया इंडेन ग्रामीण वितरक के 5850, कैलाश गैस सर्विस के 1431, कनकी इंडेन ग्रामीण वितरक के 263 उपभोक्ता शामिल हैं।
खुशमहेश्वरी इंडेन ग्रामीण वितरक के 1431, महामाया इंडेन ग्रामीण वितरक के 416, राउत इंडेन ग्रामीण वितरक 2733, शिवम इंडेन के 3485, तारा इंटरप्राइजेज के 7505 व उदय इंडेन ग्रामीण वितरक के 7594 उपभोक्ता शामिल हैं।
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