इंदौर में ₹1214 करोड़ की बड़ी परियोजना, गंदे पानी की समस्या के स्थायी समाधान की तैयारी

मध्य प्रदेश राज्य

इंदौर

इंदौर शहर में गंदे पानी की समस्या से राहत दिलाने के लिए नगर निगम ने 1,214.54 करोड़ रुपये की जल प्रदाय और ड्रेनेज परियोजना तैयार की है। इस योजना के तहत 30 साल पुरानी और जर्जर ड्रेनेज पाइपलाइन को शहर की 40 से अधिक बस्तियों में बदला जाएगा। भारत सरकार के अर्बन चैलेंज फंड के तहत इस परियोजना को सैद्धांतिक मंजूरी मिल चुकी है और करीब 302.70 करोड़ रुपये की केंद्रीय सहायता भी स्वीकृत की गई है। डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार होने के बाद इसे राज्य सरकार की मंजूरी के लिए भेजा जाएगा।

परियोजना में 907.74 करोड़ रुपये जल प्रदाय और 305.80 करोड़ रुपये ड्रेनेज व्यवस्था पर खर्च किए जाएंगे। नगर निगम के अनुसार, नई पाइपलाइन बिछने से ड्रेनेज का गंदा पानी पेयजल लाइन में मिलने की समस्या खत्म होगी और हजारों परिवारों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध होगा। शेष राशि राज्य सरकार और नगर निगम द्वारा जुटाई जाएगी। मंजूरी के बाद टेंडर प्रक्रिया शुरू होगी और चरणबद्ध तरीके से कार्य पूरा किया जाएगा।

परियोजनाओं की कुल अनुमानित लागत 1214.54 करोड़
भारत सरकार द्वारा आयोजित अर्बन चैलेंज फंड की एपेक्स कमेटी की बैठक में इंदौर नगर निगम द्वारा प्रस्तुत जल प्रदाय एवं ड्रेनेज परियोजना का विस्तृत परीक्षण किया गया। कमेटी ने निगम की सभी प्रमुख परियोजनाओं को स्वीकृति प्रदान कर दी है। स्वीकृत परियोजनाओं की कुल अनुमानित लागत 1214.54 करोड़ रुपए में से 907.74 करोड़ रुपए की जल प्रदाय परियोजना और 305.80 करोड़ की ड्रेनेज परियोजनाएं शामिल हैं।

25% राशि केंद्र देगा, बाकि राज्य शासन और निगम जुटाएगा
अर्बन चैलेंज फंड के प्रावधानों के अनुसार कुल परियोजना लागत का 25 प्रतिशत यानी लगभग 302.70 करोड़ रुपए केंद्रीय सहायता के रूप में प्राप्त होगा। बाकी फंड राज्य शासन और निगम को जुटाना होगा।

शहरवासियों की दूर होगी गंदे पानी की समस्या
निगम जल यंत्रालय एवं ड्रेनेज विभाग के प्रभारी अभिषेक शर्मा बबलू के अनुसार, शहर की गहन और पुरानी बस्तियों में ड्रेनेज की पाइप लाइन बदलने के साथ अन्य काम करने के लिए भारत सरकार ने 302.70 करोड़ रुपए की राशि स्वीकृत कर दी है। ये राशि काम की प्रोग्रेस के हिसाब से टुकड़ेटु कड़े में निगम को मिलेगी। इस राशि से शहर की 40 से ज्यादा बस्तियों में जर्जर और क्षतिग्रस्त हुई ड्रेनेज की पाइप लाइन को बदला जाएगा। फिलहाल, इसकी डीपीआर बनाई जा रही है।

गंदे पानी की समस्या से मिलेगी निजात
बताया जा रहा है कि, जैसे ही डीपीआर बनेगी वैसे ही राज्य शासन को भेजकर मंजूरी ली जाएगी और फिर टेंडर जारी किए जाएंगे। सालों पुरानी जर्जर और क्षतिग्रस्त ड्रेनेज लाइन के बदले से शहरवासियों को जहां राहत मिलेगी, वहीं गंदा पानी आने की समस्या भी दूर होगी।

नगर निगम ने दिया प्रजेंटेशन, एपेक्स कमेटी ने दी हरी झंडी
बैठक के दौरान इंदौर नगर निगम ने जल प्रदाय वितरण प्रणाली के सुदृढ़ीकरण, सीवर नेटवर्क के विस्तार तथा सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट के उन्नयन से संबंधित विस्तृत प्रजेंटेशन प्रस्तुत किया। इसमें वर्तमान एवं भविष्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए आधुनिक एवं नवाचार आधारित तकनीकों के उपयोग के संबंध में विस्तृत जानकारी दी गई।

भारत सरकार द्वारा आयोजित अर्बन चैलेंज फंड की एपेक्स कमेटी ने इन जलप्रदाय एवं सीवरेज परियोजनाओं की जांच की। समिति ने नगर निगम की सभी प्रमुख परियोजनाओं को स्वीकृति दे दी है। इनमें 907.74 करोड़ रुपये की जल प्रदाय परियोजनाएं और 306.80 करोड़ रुपये की सीवरेज परियोजनाएं शामिल हैं।

नर्मदा के चौथे चरण और सीवरेज लाइन के काम में आएगी राशि
अर्बन चैलेंज फंड के प्रविधानों के तहत परियोजना लागत का 25 प्रतिशत यानी 302.70 करोड़ रुपये केंद्रीय सहायता के रूप में प्राप्त होगा। इस राशि से नर्मदा के चौथे चरण के अंतर्गत जल वितरण के लिए लाइन डालने का कार्य और सीवरेज लाइन डालने का कार्य किया जाएगा।

केंद्र सरकार ने की इंदौर की तकनीकों की सराहना
बैठक में केंद्र शासन के अधिकारियों ने नगर निगम इंदौर द्वारा प्रस्तुत जल प्रदाय एवं सीवरेज क्षेत्र की आधुनिक, नवाचार आधारित एवं भविष्य उन्मुख तकनीकों की सराहना की। उपचारित जल के पुनः उपयोग, टर्शियरी ट्रीटमेंट प्लांट, पीपीपी मॉडल तथा भूजल संरक्षण से जुड़े प्रविधानों को अन्य शहरों के लिए भी अनुकरणीय बताया।

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