रायपुर.
भगवान शिव पर अभद्र टिप्पणी करने पर क्रिश्चन फोरम के अध्यक्ष अरुण पन्नालाल की गिरफ्तारी को लेकर विधायक अजय चंद्राकर ने बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा कि गिरफ्तारी तो एक घटना मात्र हैं.
दरअसल, छत्तीसगढ़ में धर्मांतरण के बड़े रैकेट का अरुण पन्नालाल सरगना है, जिसकी पूरी हिस्ट्री जांचनी चाहिए. पूर्व मंत्री अजय चंद्राकर ने कहा कि अरुण पन्नालाल खुद कब धर्मांतरित हुए? कितने संस्थाओं से उन्हें पैसे मिले? इसका उपयोग कहां हुआ? आजीविका कैसे चल रही है? ऐसे सारे विषय में प्रशासन को जांच करना चाहिए. विदेशी फंडिंग के यहां के सरगना हैं पन्नालाल. मैं मांग करता हूं कि इस घटना की उच्च स्तरीय जाँच की जाए.
बजरंग दल और आरएसएस के लोग बिगाड़ रहे माहौल
वहीं अरुण पन्नालाल की गिरफ्तारी पर कांग्रेस संचार प्रमुख सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि बजरंग दल और आरएसएस के लोग माहौल बिगाड़ने की कोशिश कर रहे हैं. कांग्रेस इसकी निंदा करती है. सरकार के लोगों को इस पर आत्म अवलोकन करना चाहिए. धर्म स्वातंत्र्य विधेयक को लेकर लोगों को उकसाकर कार्रवाई कर रहे हैं, हिंदुस्तान सभी लोगों का है, यहां संत महात्माओं का आदर है.
कांग्रेस जिलाध्यक्षों की रैंकिंग पर वार-पलटवार
ट्रेनिंग के बाद अब कांग्रेस जिलाध्यक्षों को पार्टी हाईकमान के रैंकिंग देने पर अजय चंद्राकर ने कहा कि राहुल गांधी के पास अभी समय नहीं हैं. वो सोशल मीडिया में पेट्रोलियम गाड़ी का ढक्कन खोलने, बंद करने में व्यस्त हैं, ऐसे में रैंकिंग के लिए समय कहां होगा. उन्होंने कहा कि रैंकिंग की बात फर्जी समाचार है, ऐसा मुझे लगता है. दरअसल, कांग्रेस के पास ना कार्यकम है, ना उद्देश्य है, और ना ही विजन है. किसी तरह से कैडर को व्यस्त रखना है. तो उठक-बैठक कराते रहते हैं, और कुछ नहीं है.
अजय चंद्राकर की आंखों में चाटुकारिता की पट्टी
अजय चंद्राकर के बयान पर कांग्रेस संचार प्रमुख सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि भाजपा में दूध में मक्खी की तरह निकाले दिए गए हैं अजय चंद्राकर. वे उललू-जुलूल बात करते हैं. E20 पेट्रोल का मुद्दा आमजनता की समस्या है. अजय चंद्राकर को ये खराब लग रहा है, क्योंकि उनके आंखों में चाटुकारिता की पट्टी बांधी है. सत्ता में रहने के कारण भाजपा को कैडर बेस पार्टी बोली जाती रही है, पर उनमें कैडर ही नहीं बचा है.
कमिश्नरेट पर सांसद के सुझाव से नहीं इत्तेफाक
रायपुर में कमिश्नरेट प्रणाली लागू होने को लेकर सांसद ब्रजमोहन अग्रवाल के पत्र को लेकर विधायक अजय चंद्राकर ने कहा कि उन्होंने जो पत्र लिखा है, वह मैने भी पढ़ा है. नई व्यवस्था को सेट होने में टाइम लगेगा. रायपुर को टुकड़ों में नहीं बांटना चाहिए. कमिश्नर प्रणाली के अंतर्गत पूरे शहर को रखना चाहिए.
सरकार की विफलता की उपज है कमिश्नर प्रणाली
कमिश्नरेट प्रणाली को लेकर बृजमोहन अग्रवाल की चिट्ठी पर अजय चंद्राकर के बयान पर कांग्रेस संचार प्रमुख ने कहा कि कमिश्नर प्रणाली राज्य सरकार की विफलता की उपज है. कमिश्नरी प्रणाली लागू होने के बाद अपराध बढ़े हैं. पुलिस ने एफआईआर लिखना बंद कर दिया है. कमिश्नरी प्रणाली लागू होने के बाद अपराधों में अंकुश नहीं लगा है, कांग्रेस दोनों ही नेताओं से सहमत है. कमिश्नरेट लागू होने से सकारात्मक परिणाम सामने नहीं आए हैं.
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