‘घर से ऊंची सड़क बनाना कौन सी इंजीनियरिंग पॉलिसी?’ पंजाब हाई कोर्ट ने सरकार से मांगा जवाब

राज्य

चंडीगढ़.

फगवाड़ा के विभिन्न इलाकों में सड़कों की बार-बार री-कार्पेटिंग किए जाने के कारण सड़क का स्तर लगातार ऊंचा होने और इसके चलते मकानों व दुकानों के सड़क से नीचे चले जाने के मामले में पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट ने पंजाब के मुख्य सचिव, स्थानीय निकाय विभाग के सचिव तथा नगर निगम फगवाड़ा के आयुक्त को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है।

कार्यवाहक चीफ जस्टिस और जस्टिस रोहित कपूर की खंडपीठ ने यह आदेश फगवाड़ा के सेवानिवृत्त सेक्शन इंजीनियर रजनीश सहगल द्वारा दायर जनहित याचिका पर सुनवाई के दौरान पारित किया। याचिकाकर्ता ने हाई कोर्ट को बताया कि उन्होंने और न्यू मॉडल टाउन, फगवाड़ा के अन्य नागरिकों ने नगर निगम से स्वीकृत नक्शों के अनुसार अपने मकान बनाए थे। लेकिन वर्षों के दौरान क्षेत्र की सड़कों की बार-बार री-कार्पेटिंग और पुनर्निर्माण किया गया।

बिना स्क्रैचिंग के नई सड़कें बनीं
यह कार्य पुरानी सड़क की परत को हटाए (स्क्रैचिंग किए) बिना ही नई परत बिछाकर किया गया, जिससे सड़क का स्तर लगातार बढ़ता गया और अब कई मकानों का प्लिंथ लेवल सड़क से नीचे चला गया है। याचिका में कहा गया कि बारिश होने पर सीवरेज का पानी सीधे घरों में घुस जाता है। कई निवासियों को सड़क तक पहुंचने के लिए अपने घरों के बाहर रैंप बनाने पड़े हैं। सड़क का स्तर लगातार बढ़ने से मकान गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त हो चुके हैं और उनमें रहना तक मुश्किल हो गया है।

पटना के मामले का हुआ जिक्र
याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता एचसी अरोड़ा और अधिवक्ता सुनैना ने अदालत का ध्यान इस ओर आकर्षित किया कि इसी प्रकार के मामले में जुलाई 2026 में पटना हाई कोर्ट ने बिहार सरकार को निर्देश दिए थे। इसके बाद राज्य सरकार ने एक विस्तृत स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (एसओपी) जारी किया, जिसमें यह सुनिश्चित करने का प्रावधान किया गया कि सड़क निर्माण या री-कार्पेटिंग के दौरान सड़क की ऊंचाई स्वीकृत स्तर से अधिक न बढ़े। उन्होंने यह भी बताया कि वर्ष 2010 में भी पटना हाई कोर्ट ने ऐसे मामलों में दिशा-निर्देश जारी किए थे, जहां सड़क का स्तर पहले ही मकानों और दुकानों के प्लिंथ लेवल से ऊपर पहुंच चुका था।

हाईकोर्ट ने जारी किया नोटिस
सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता ने हाई कोर्ट के समक्ष ऐसे मकानों और दुकानों के फोटोग्राफ भी पेश किए, जिनके अनुसार सड़क का स्तर बढ़ने से उन्हें गंभीर नुकसान पहुंचा है। मामले पर प्रारंभिक सुनवाई के बाद पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट ने पंजाब के मुख्य सचिव, स्थानीय निकाय विभाग के सचिव और नगर निगम फगवाड़ा के आयुक्त को नोटिस जारी करते हुए जवाब मांगा है।

What do you feel about this post?

0%
like

Like

0%
love

Love

0%
happy

Happy

0%
haha

Haha

0%
sad

Sad

0%
angry

Angry