पटना
बिहार के सरकारी स्कूलों में बच्चों की गुणवत्तापूर्ण पढ़ाई और कारगर परीक्षा प्रणाली सुनिश्चित करने के लिए सम्राट चौधरी सरकार ने चार अहम फैसले किए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा है कि शिक्षा समाज को दिशा देने वाला विभाग है। हर हाल में स्कूलों में पढ़ाई हो, सरकार इसके लिए कृत संकल्प है। पटना के अधिवेशन भवन में शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी की अध्यक्षता में दो दिवसीय चिंतन शिविर का आयोजन किया गया जिसका उद्घाटन CM सम्राट चौधरी ने किया। उन्होंने यह भी कहा कि छात्रों की समझ शक्ति का मूल्याकन एआई की मदद से किया जाएगा। शिविर के माध्यम से सीएम खुद बच्चों से संवाद करेंगे उनके सुझाव के आधार पर नीतियां तय की जाएंगी।
मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया हैंडल एक्स पर पोस्ट में इसकी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि बिहार में शिक्षा व्यवस्था को और सुदृढ़, गुणवत्तापूर्ण एवं छात्र-केंद्रित बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए हैं।
गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए विशेष समिति
गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को हर विद्यालय तक पहुँचाने के लिए राज्य स्तरीय समिति का गठन किया गया है, ताकि प्रत्येक विद्यालय को उत्कृष्टता का केंद्र बनाया जा सके और छात्रों के सीखने के स्तर में निरंतर सुधार सुनिश्चित हो।
परीक्षा सुधार
बिहार में परीक्षाओं को सुचारु, पारदर्शी, निष्पक्ष एवं आधुनिक बनाने के लिए राज्य स्तरीय परीक्षा सुधार समिति का गठन किया गया है। समिति बोर्ड एवं प्रतियोगी परीक्षाओं के साथ-साथ कक्षा-आधारित मूल्यांकन में तकनीक एवं AI के उपयोग के माध्यम से छात्रों के ज्ञान, समझ एवं विश्लेषण क्षमता के बेहतर आकलन के लिए सुझाव देगी।
विशेष सहयोग शिविर
शिक्षा सुधार के लिए विशेष सहयोग शिविर आयोजित किए जाएंगे, जिनमें मुख्यमंत्री, मंत्री, सांसद, विधायक एवं छात्रों के साथ संवाद कर उनके सुझाव एवं समस्याएँ सुनी जाएंगी।
छात्र कल्याण
छात्रों के कल्याण से जुड़े कार्यों के बेहतर समन्वय एवं प्रभावी क्रियान्वयन के लिए सभी संबंधित विभागों में निदेशालय का गठन किया जाएगा। सीएम ने बताया कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, बेहतर परीक्षा व्यवस्था एवं छात्रों के उज्ज्वल भविष्य के निर्माण के लिए बिहार सरकार प्रतिबद्ध है।
सीएम ने फेसबुक पोस्ट में बताया कि अधिवेशन भवन, पटना में शिक्षा विभाग द्वारा आयोजित दो दिवसीय राज्य स्तरीय कार्यशाला-सह-चिंतन शिविर का शुभारंभ हुआ। बिहार के युवाओं को शिक्षा, कौशल एवं अवसरों से जोड़ना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। हमारा लक्ष्य ऐसी गुणवत्तापूर्ण एवं आधुनिक शिक्षा व्यवस्था का निर्माण करना है, जिससे बिहार के बच्चों को बेहतर शिक्षा के लिए दूसरे राज्यों का रुख न करना पड़े। राज्य में 1001 मॉडल स्कूल विकसित करने के लक्ष्य के साथ गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को हर बच्चे तक पहुँचाने के लिए सरकार प्रतिबद्ध है
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