झारखंड में बाइक एंबुलेंस की जगह ईपीटीवी, ग्रामीण मरीजों के लिए 635 वाहन खरीदने की तैयारी

राज्य

रांची
 एक तरफ केंद्र सरकार सुदूर क्षेत्रों में मरीजों को अस्पताल पहुंचाने के लिए बाइक एंबुलेंस की योजना पर काम कर रही है, दूसरी तरफ झारखंड में यह योजना फेल हो चुकी है।

राज्य में अब सुदूर क्षेत्रों के लिए बाइक एंबुलेंस की योजना संचालित नहीं होगी। इसकी जगह अब ग्राम पंचायतों के लिए ईमरजेंसी पेेशेंट ट्रांसपोर्ट व्हीकल (ईपीटीवी) की सेवा बहाल करने की तैयारी चल रही है। यह एंबुलेंस वैन के रूप में होगी।

दरअसल, राज्य में पायल प्रोजेक्ट के रूप में दो-तीन जिलों मेें बाइक एंबुलेंस की सेवा शुरू की गई थी। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, इसका परिणाम अपेक्षा के अनुरूप नहीं रहा।

इसकी समीक्षा के लिए विभाग ने राज्य स्तरीय संयुक्त मूल्यांकन समिति गठित की थी। इस समिति ने बाइक एंबुलेंस की जगह ईपीटीवी चलाने की अनुशंसा विभाग से की।

इसके बाद विभाग ने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों के लिए 445 तथा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों के लिए 190 ईमरजेंसी पेशेंट ट्रांसपोर्ट व्हीकल खरीदे जाने का प्रस्ताव तैयार किया है।

ये सभी एंबुलेंस ग्रामीण क्षेत्रों से मरीजों को लाने का काम करेंगी। इधर, स्वास्थ्य विभाग 40 एडवांस लाइफ सपोर्ट एंबुलेंस तथा 281 बेसिक लाइफ सपोर्ट एंबुलेंस खरीदने का निर्णय लिया है। झारखंड मेडिकल हेल्थ डवलपमेंट एंड प्रोक्यूरमेंट कॉरपोरेशन को इसके लिए टेंडर प्रक्रिया की जिम्मेदारी दी गई है।

 

What do you feel about this post?

0%
like

Like

0%
love

Love

0%
happy

Happy

0%
haha

Haha

0%
sad

Sad

0%
angry

Angry