सरकारी जमीन पर चर्च और धर्मांतरण का आरोप, पुलिस को मिली डायरी से खुलेंगे कई राज

उत्तर प्रदेश राज्य

लखनऊ
लखनऊ के मोहनलालगंज के भदेसुआ गांव नया खेड़ा में 20 साल से सरकारी दस्तावेजों में चारागाह के नाम से दर्ज भूखंड पर अवैध रूप से बने चर्च में धर्मांतरण का रैकेट चल रहा था। इमारत में सबसे ऊपर काफी बड़ा क्रास बना था। शिकायत के बाद भी पुलिस और तहसील प्रशासन के कार्रवाई नहीं करने पर रविवार दोपहर आक्रोशित हिंदू संगठनों ने चर्च में धावा बोल दिया। कुछ भाग निकले जबकि संचालक चंद्रिका प्रसाद (पादरी) उसकी पत्नी समेत तीन लोगों को पकड़ लिया। पुलिस ने पांच को हिरासत में ले लिया।

पादरी के वेश में सभा करा रहा था चंद्रिका प्रसाद
बड़ी संख्या में धर्मिक पुस्तकें, ईसाई साहित्य व अन्य वस्तुएं बरामद की हैं। पुलिस तीनों से पूछताछ कर रही है। दोपहर नया खेड़ा गांव में संचालित अवैध चर्च के अंदर बने भवन में चंगाई सभा आयोजित की जा रही थी। सभा में 12-15 लोग मौजूद थे। इस बीच विश्व हिंदू परिषद, बजरंग दल के जिला सुरक्षा प्रमुख धर्मेन्द्र शर्मा और श्रीराम सनातन सेवा समिति के प्रदेश अध्यक्ष विमलेश शर्मा की अगुवाई में कई कार्यकर्ता पहुंचे। आरोप है कि सभा की आड़ में धर्मांतरण के लिए लोगों को प्रेरित किया जा रहा था। कार्यकर्ताओं ने सभा का संचालन कर रहे धोधनखेड़ा निवासी चंद्रिका प्रसाद उसकी पत्नी रामादेवी और अयोध्या खेड़ा निवासी जितेंद्र को पकड़ लिया। चंद्रिका प्रसाद पादरी की वेशभूषा में सभा करा रहा था।

चारागाह की जमीन पर बना चर्च!
पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने गनियार स्थित चर्च के दिशा-निर्देश पर काम करने की बात कही है। गांव की प्रधान गीता यादव के बेटे जीत यादव (प्रधान प्रतिनिधि) का दावा है कि यह चर्च सरकारी चारागाह की जमीन पर बनी थी। कई बार लोगों ने इसकी शिकायत भी की थी पर कोई कार्रवाई नहीं हुई थी। मोहनलालगंज के भदेसुवा में रविवार को धर्म परिवर्तन से जुड़ी चंगाई सभा में हिंदू संगठनों के कार्यकर्ताओं ने पादरी उसकी पत्नी समेत तीन लोगों को पकड़ लिया।

पुलिस के सामने धर्म बदलने से किया इनकार
चंद्रिका प्रसाद और उसकी पत्नी रामादेवी ने धर्म बदलने से इनकार करते हुए खुद को हिन्दू बताया। हालांकि पूछताछ में दोनों ने ईसाई धर्म मानने की बात स्वीकार की, लेकिन धर्मांतरण के आरोप से इनकार किया। हिन्दू संगठनों ने उनकी वेशभूषा और मौके पर आयोजित धार्मिक सभा को लेकर सवाल उठाए। हिंदू संगठन के लोगों ने भी जब आधार कार्ड में चंद्रिका नाम देखा तो विरोध किया। चंद्रिका ने कहा अधिकारिक तौर पर ईसाई धर्म नहीं ग्रहण किया था।

डायरी खोलेगी राज
पुलिस को चंद्रिका प्रसाद के पास से मिली डायरी अहम मानी जा रही है। जांच टीम डायरी में दर्ज नामों और अन्य विवरणों की पड़ताल कर रही है। पुलिस को आशंका है कि इससे सभा में आने वाले लोगों व आयोजकों के नेटवर्क से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी सामने आ सकती है। पुलिस मामले की पड़ताल में जुटी है।

गांव-गांव चलाया जाएगा जागरूकता अभियान
समाजसेवी एवं राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के कार्यकर्ता सुशील रावत ने बताया कि मोहनलालगंज, निगोहा और नगराम क्षेत्र में धर्मांतरण के आरोपों से जुड़े मामले समय-समय पर सामने आ रहे हैं। इन मामलों में पुलिस की ओर से कार्रवाई भी की गई है। उन्होंने कहा कि आरएसएस की ओर से गांव-गांव कैंप लगाकर लोगों को जागरूक किया जा रहा है। धर्मांतरण के आरोपों को लेकर अन्य सामाजिक संगठन भी अपने स्तर पर गांवों में निगरानी और जागरूकता अभियान चला रहे हैं। उन्होंने कहा कि आगे भी समाज में फैली कुरीतियों, अंधविश्वास और भ्रम को दूर करने के लिए जागरूकता अभियान चलाए जाएंगे और लोगों को अपनी संस्कृति व धार्मिक मूल्यों के प्रति जागरूक किया जाएगा

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