नई दिल्ली
संसद के मॉनसून सत्र के दौरान परिसर में गहमागहमी देखने को मिली। एक तरफ जहां एनडीए और विपक्ष के सांसद आमने-सामने होकर जोरदार नारेबाजी कर रहे थे, वहीं दूसरी तरफ BJP के सांसदों ने कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी को घेर लिया। बीजेपी सांसदों ने प्रियंका को घेरते हुए सवाल किया कि आखिर वह झारखंड क्यों नहीं गईं और वहां के छात्रों के मुद्दे पर क्यों चुप हैं। इस पर प्रियंका गांधी ने तुरंत जवाब देते हुए कहा कि लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पहले ही झारखंड के छात्रों से मिल चुके हैं।
'राहुल गांधी ने की है मुलाकात', प्रियंका का पलटवार
संसद परिसर में जैसे ही बीजेपी सांसदों ने प्रियंका गांधी को रोककर सवाल पूछा कि वे झारखंड के छात्रों की समस्याओं पर बोलने से क्यों बच रही हैं, तो प्रियंका ने पलटवार करते हुए कहा कि कांग्रेस नेता और नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पहले ही झारखंड के छात्रों से मुलाकात कर चुके हैं और उनकी बात को प्रमुखता से सुन चुके हैं।
संसद परिसर में जमकर हंगामा, विपक्ष का अनोखा प्रदर्शन
सत्र खत्म होने से ठीक पहले सदन के बाहर भी जबरदस्त घमासान देखने को मिला। विपक्षी सांसद हाथों में नारे लिखे पोस्टर लेकर केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री के खिलाफ लगातार प्रदर्शन करते दिखे। इसी दौरान समाजवादी पार्टी के सांसद अक्षय यादव अन्य नेताओं के साथ संसद परिसर में दान-पेटियां और गन्ने का पेड़ लेकर पहुंचे और अनोखे अंदाज में विरोध जताया। परिसर में बढ़ती धक्का-मुक्की और तनावपूर्ण माहौल को देखते हुए सुरक्षाकर्मियों को तुरंत 'ह्यूमन चेन' बनाकर स्थिति संभालनी पड़ी।
'मंगल मिलन' बैठक में एनडीए ने बनाई रणनीति
सदन की कार्यवाही शुरू होने से पहले एनडीए सांसदों की 'साप्ताहिक मंगल मिलन' बैठक हुई। इस बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू सहित एनडीए के कई बड़े नेता मौजूद रहे। इस बैठक के दौरान मॉनसून सत्र के अंतिम दिनों की रणनीति पर चर्चा हुई, जिसमें विपक्ष के हंगामे के बीच जरूरी विधेयकों को पारित कराने और विपक्ष के हमलों का एकजुट होकर मजबूती से जवाब देने पर सहमति बनी।
हंगामे के चलते लगातार बाधित हुई कार्यवाही
20 जुलाई से शुरू हुआ यह मॉनसून सत्र अब 13 अगस्त को खत्म होने वाला है। पूरे सत्र के दौरान विपक्ष के लगातार हंगामे के कारण सदन की कार्यवाही बार-बार बाधित हुई है, जिससे कई दिनों तक प्रश्नकाल भी पूरा नहीं हो सका। बीते दिन भी शोर-शराबे के चलते दोनों सदनों को स्थगित करना पड़ा था।
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