हांसी.
हरियाणा में सरकारी राशन कार्ड बनवाने के बाद छह महीने से एक वर्ष तक डिपो से राशन नहीं उठाने वाले परिवार अब नागरिक संसाधन सूचना विभाग (क्रीड) और खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग के रडार पर आ गए हैं।
लंबे समय से बायोमीट्रिक हाजिरी दर्ज नहीं कराने और राशन का उठान नहीं करने वाले परिवारों की प्रदेश स्तर पर छंटनी की जा रही है। ऐसे निष्क्रिय राशन कार्डों को पोर्टल पर फिलहाल ब्लॉक किया गया है। विभागीय सूत्रों के अनुमान के अनुसार प्रदेश में करीब डेढ़ लाख से दो लाख राशन कार्ड धारक इस कार्रवाई के दायरे में आ सकते हैं। अब विभाग पता लगाएगा कि राशन नहीं उठाने वाले परिवार वास्तव में पात्र हैं अथवा उनकी आर्थिक या निवास संबंधी परिस्थितियां बदल चुकी हैं। इनमें दूसरे शहरों अथवा राज्यों में पलायन कर चुके परिवार भी हो सकते हैं।
हालांकि, किसी बीमारी, आपात स्थिति या अन्य जायज कारण से राशन नहीं उठा पाने वाले पात्र परिवारों के लिए सुविधा दोबारा शुरू कराने का रास्ता खुला रखा गया है। इसके लिए उन्हें अपनी आय, संपत्ति और पात्रता का दोबारा सत्यापन कराना होगा। ग्रामीण लाभार्थियों को तहसीलदार अथवा नायब तहसीलदार से सत्यापित शपथ पत्र देना होगा।
What do you feel about this post?
Like
Love
Happy
Haha
Sad
