सरगुजा/कोरबा.
छत्तीसगढ़ में आवारा मवेशियों से परेशान लोगों का गुस्सा फूट पड़ा है। सरगुजा में एक ओर जहां ग्रामीण आवारा मवेशी लेकर कलेक्ट्रेट पहुंचे, तो दूसरी ओर कोरबा में नगर पालिका और SDM कार्यालय में ज्ञापन सौंपा गया है।
पहला मामला सरगुजा जिले के ग्राम भकुरा का है, जहां आवारा मवेशियों के खिलाफ किसानों ने अनोखा विरोध प्रदर्शन किया। ग्रामीण गांव और सड़कों पर घूम रहे आवारा मवेशियों को पकड़कर कलेक्ट्रेट कार्यालय पहुंचे। कलेक्ट्रेट परिसर के मुख्य द्वार पर आवारा मवेशियों का जमावड़ा देखकर अधिकारी और कर्मचारी भी परेशान हो गए। ग्रामीण का कहना है कि वे पशुपालकों की मनमानी से परेशान है। मवेशियों को सड़कों पर आवारा छोड़ने से सड़क दुर्घटनाएं बढ़ रही है।
निगम पर लापरवाही का आरोप
ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि आवारा मवेशियों के लिए उचित व्यवस्था करें। इतना ही नहीं उन्होंने नगर निगम पर लापरवाही का आरोप लगाया है और लापरवाह पशुपालकों के खिलाफ भी कर्रावाई की बात की है। दूसरा मामला कटघोरा के ग्राम जुराली का है, जहां के किसान लावारिस मवेशियों के आतंक से परेशान है। रात भर में तबाह हो रही फसलें से किसान परेशान है।
ग्रामीणों का आरोप है कि गोठान बना है पर संचालन बंद है। गोठान में तार-खंभे मौजूद है, लेकिन फिर भी बेसहारा पशु सड़क पर है। ग्रामीणों का कहना है कि मवेशियों के चलते आय दिन हो रहे हैं सड़क हादसे में लोगों की मौत हो रही है। इन्ही परेशानियों को लेकर आज ग्रामीण नगर पालिका पहुंचे और अपनी शिकायत दर्ज कराई। नगर पालिका और SDM कार्यालय में ज्ञापन सौंपकर गोठान चालू नहीं होने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी दी है।
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