MP Forest Land Encroachment: वन भूमि बचाने के लिए सरकार सख्त, नए अतिक्रमण पर रोक और पुराने कब्जों पर कार्रवाई के निर्देश

मध्य प्रदेश राज्य

 भोपाल 
 मध्य प्रदेश वन विभाग ने हाल के तीन-चार माह के भीतर लगभग 2200 एकड़ वन भूमि को अतिक्रमण से मुक्त कराया है। हालांकि नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) और अन्य सरकारी रिपोर्टों के अनुसार, प्रदेश में अभी भी लगभग प्रदेश की 14.21 लाख एकड़ वन भूमि अतिक्रमणकारियों के कब्जे में है और जंगल की जमीन पर कब्जे लगातार बढ़ते ही जा रहे हैं।

जंगल बन गए सपाट मैदान
प्रदेश में जंगल की जमीन पर अतिक्रमणकारियों का संगठित होने के संकेत मिलते हैं। दो सौ से ढाई सौ की संख्या वाला यह गिरोह जंगल की ऐसी भूमि चिह्नित करता है, जो उपजाऊ और कृषि योग्य है। यहां अंदर ही अंदर पेड़ों की कटाई कर खेती योग्य सपाट मैदान बनाया जाता है।

स्थानीय वन अमले को इसकी खबर तब होती है, जब कब्जा हो चुका होता है। वे अतिक्रमणकारियों को हटाने का प्रयास भी करते हैं लेकिन संगठित गिरोह की संख्या के आगे पुलिस, प्रशासन और वन अधिकारियों सहित सरकारी अमला नाकाफी होता है।

वन अमले पर हुए हमले
पिछले माह खंडवा जिले में अतिक्रमणकारियों द्वारा वन विभाग और प्रशासनिक अमले पर पत्थरबाजी कर खदेड़ने का प्रकरण चर्चा में रहा। इससे पहले भी खंडवा, बुरहानपुर, देवास जिलों में इस तरह के गिरोह जंगल की जमीन पर अतिक्रमण कर चुके हैं लेकिन इन्हें हटाया नहीं जा सका।

मुख्यमंत्री के निर्देश- वन भूमि पर अब अतिक्रमण न होने पाएं
जंगल की जमीन पर अतिक्रमण को लेकर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने पिछले दिनों नाराजगी जताई थी। उन्होंने अधिकारियों निर्देश दिए कि मध्य प्रदेश में जहां वनवासी निवासरत हैं, उन्हें कोई परेशानी न हो, लेकिन अधिकारी एवं वन विभाग का मैदानी अमला यह भी सुनिश्चित करें कि वन भूमि पर अब कोई भी नए अतिक्रमण बिल्कुल न होने पाएं।

सबसे अधिक अतिक्रमण बुरहानपुर में
मध्य प्रदेश में 94 लाख 68 हजार 900 हेक्टेयर वन क्षेत्र हैं, इनमें से पांच लाख 74 हजार 963 हेक्टेयर (14,21,003.28 एकड़) अधिसूचित वन क्षेत्र अतिक्रमण की जद में है।

सर्वाधिक अतिक्रमण बुरहानपुर जिले में हैं। यहां 1,90,102 हेक्टेयर अधिसूचित वन क्षेत्र हैं। इसमें से 52,751 हेक्टेयर क्षेत्र में अतिक्रमण पाया गया है। यहां अतिक्रमणकारियों द्वारा वन अमले पर भी हमला करने की घटनाएं कई बार हुई हैं।

– रायसेन वनमंडल में 46 हजार हेक्टेयर अधिसूचित वन क्षेत्र में अतिक्रमण है।

– आलीराजपुर में 25 हजार 601 हेक्टेयर अधिसूचित वन भूमि पर अतिक्रमण है।

– छतरपुर में 12 हजार 957 हेक्टेयर अधिसूचित वन क्षेत्र में अतिक्रमण पाया गया है।

– खंडवा वन मंडल में 231055 हेक्टेयर अधिसूचित वन क्षेत्र में से 4034 हेक्टेयर पर अतिक्रमण है।

– आलीराजपुर में 97020 हेक्टेयर अधिसूचित वन क्षेत्र में से 25601 हेक्टेयर में अतिक्रमण और छतरपुर वन मंडल के 1,37,668 हेक्टेयर अधिसूचित वन क्षेत्र में से 12,957 हेक्टेयर वन भूमि पर अतिक्रमण है।

पांच साल में वन भूमि पर अतिक्रमण के प्रकरण और प्रभावित क्षेत्र 

 

वर्ष दर्ज प्रकरण अतिक्रमित क्षेत्र (हेक्टेयर में)
2021 1,825 2,110.00
2022 1,593 3,298.00
2023 1,257 2,161.00
2024 1,774 4,275.00
2025 2,345 4,292.45
कुल योग 8,794 16,136.45

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