जगदलपुर.
रक्षाबंधन से पहले बस्तर में लोगों की थाली तक सुरक्षित खाद्य सामग्री पहुंचाने के लिए जांच अभियान शुरू हो गया है. खाबो, बने रहिबो 2.0 अभियान के तहत खाद्य एवं औषधि प्रशासन की टीम ने जगदलपुर समेत कई इलाकों में जांच की.
होटल, रेस्टोरेंट, मिठाई दुकानों और अन्य खाद्य प्रतिष्ठानों का निरीक्षण कर नमूने लिए जा रहे हैं. 17 से 24 अगस्त तक चलने वाले अभियान में मिठाई और दूध से जुड़े कारोबार पर विशेष निगरानी रखी जाएगी. मावा, पनीर, क्रीम, चीज और अन्य दुग्ध उत्पादों की वास्तविक गुणवत्ता और स्वरूप की जांच होगी. बिना लेबल बिक रहे खाद्य पदार्थों के साथ सामग्री और उसके स्रोत की जानकारी भी जांच के दायरे में है. अधिकारियों की नजर प्रतिबंधित रंग और खाद्य सामग्री की गलत प्रस्तुति पर भी रहेगी. दुकानदारों से बिल, सप्लायर की जानकारी और कच्चे माल के स्रोत से जुड़े दस्तावेज मांगे जा रहे हैं. होटल और रेस्टोरेंट में बटर-पनीर के नाम पर इस्तेमाल हो रहे उत्पादों की भी जांच की जाएगी.
अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि केवल वनस्पति वसा मिलने से किसी मिठाई को प्रतिबंधित उत्पाद नहीं माना जाएगा. उत्पाद का नाम, उसकी सामग्री, प्रस्तुतीकरण और लागू खाद्य मानकों को मिलाकर स्थिति तय होगी. नियमों का उल्लंघन और उपभोक्ताओं को भ्रमित करने की पुष्टि होने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी. त्योहारों के बीच अभियान का उद्देश्य बाजार में सुरक्षित और मानकों के अनुरूप खाद्य सामग्री की उपलब्धता सुनिश्चित करना है.
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