नारायणपुर.
अबूझमाड़ के कठिन जंगलों में नक्सल विरोधी अभियानों का नेतृत्व करने वाले पुलिसकर्मियों के साहस को राष्ट्रीय स्तर पर सम्मान मिला है. स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर नारायणपुर पुलिस से जुड़े 32 अधिकारी और जवान राष्ट्रपति वीरता पदक से सम्मानित हुए हैं.
यह सम्मान उन अभियानों की कहानी कहता है, जिनमें सुरक्षा बलों ने बेहद चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में मोर्चा संभाला. घने जंगल, दुर्गम पहाड़ियां और सीमित संसाधनों के बीच हर अभियान सुरक्षा बलों के लिए बड़ी चुनौती रहा है. इन्हीं परिस्थितियों में अधिकारियों और जवानों ने साहस, रणनीति और कर्तव्यनिष्ठा का परिचय दिया. नारायणपुर में उप पुलिस अधीक्षक के रूप में सेवाएं दे चुके विनय कुमार साहू और प्रशांत देवांगन भी सम्मानित हुए हैं. छोटेडोंगर के तत्कालीन प्रभारी उप निरीक्षक हरिशंकर ध्रुव को भी वीरता पदक प्रदान किया गया है. नारायणपुर के पूर्व पुलिस अधीक्षक रॉबिन्सन गुड़िया के नेतृत्व में चले अभियानों का योगदान भी सम्मान में शामिल है.
वर्तमान एसपी संदीप कुमार पटेल भी राष्ट्रपति वीरता पदक पाने वाले अधिकारियों में शामिल हैं. अबूझमाड़ में 21 मई 2025 का अभियान सुरक्षा बलों के लिए एक महत्वपूर्ण मोड़ माना गया. इस अभियान में माओवादी संगठन के शीर्ष नेता बसवराजू समेत 27 माओवादी मारे गए थे. इसके बाद अबूझमाड़ में सुरक्षा बलों की बढ़ती पकड़ को नक्सल विरोधी अभियान की बड़ी उपलब्धि के तौर पर देखा गया. 32 पुलिस अधिकारियों और जवानों का सम्मान अबूझमाड़ के कठिन मोर्चे पर लड़ी गई लंबी लड़ाई की वीरता को राष्ट्रीय पहचान देता है.
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