जयपुर
राजस्थान के शहरी निकायों में चुनावी इंतजार खत्म हो गया है। राज्य निर्वाचन आयोग ने बुधवार को नगर निकाय चुनाव कार्यक्रम की घोषणा कर दी। राज्य निर्वाचन आयुक्त राजेश्वर सिंह ने चुनाव कार्यक्रम जारी करते हुए बताया कि प्रदेश में नगर निकाय चुनाव दो चरणों में संपन्न होंगे। चुनाव कार्यक्रम की घोषणा के साथ ही संबंधित नगरीय निकाय क्षेत्रों में आदर्श आचार संहिता तत्काल प्रभाव से लागू हो गई है।
9 और 11 सितंबर को मतदान
राज्य निर्वाचन आयोग के अनुसार नगर निकाय चुनाव के लिए पहले चरण का मतदान 9 सितंबर को होगा, जबकि दूसरे चरण में 11 सितंबर को वोट डाले जाएंगे। चुनाव के नतीजे 14 सितंबर को घोषित किए जाएंगे। आयोग की ओर से चुनाव कार्यक्रम जारी किए जाने के बाद अब नगरीय निकाय क्षेत्रों में राजनीतिक गतिविधियां तेज होने की संभावना है।
27 अगस्त से शुरू होगा नामांकन
आयुक्त राजेश्वर सिंह ने बताया कि प्रदेश के 309 शहरी निकायों में 10,245 पार्षद पदों के लिए चुनाव होंगे। इनमें 10 नगर निगम, 51 नगर परिषद और 248 नगरपालिकाएं शामिल हैं। 27 अगस्त को चुनाव की अधिसूचना जारी होने के साथ ही नामांकन प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। प्रत्याशी 31 अगस्त तक नामांकन दाखिल कर सकेंगे। नामांकन पत्रों की जांच के बाद 3 सितंबर तक नाम वापसी की प्रक्रिया पूरी होगी। इसके बाद दोनों चरणों के लिए मतदान कराया जाएगा। चुनाव परिणाम 14 सितंबर को जारी होंगे।
21 सितंबर को निकाय प्रमुखों का चुनाव
राजेश्वर सिंह के अनुसार पार्षदों के चुनाव के बाद निकाय प्रमुखों के निर्वाचन की प्रक्रिया होगी। 21 सितंबर को मेयर, सभापति और नगरपालिका अध्यक्षों का चुनाव कराया जाएगा। इसके अगले दिन 22 सितंबर को उपाध्यक्ष पदों के चुनाव होंगे। 22 सितंबर को ही नगर निगम, नगर परिषद और नगरपालिकाओं की साधारण सभा की बैठक होगी। इसी बैठक में डिप्टी मेयर, उपसभापति और नगरपालिका उपाध्यक्ष का चुनाव कराया जाएगा।
309 निकायों में आचार संहिता लागू
चुनाव कार्यक्रम की घोषणा के साथ ही प्रदेश के सभी 309 शहरी निकायों में आचार संहिता लागू हो गई है। चुनाव प्रक्रिया पूरी होने तक यह प्रभावी रहेगी। इसके चलते संबंधित निकाय क्षेत्रों में प्रशासनिक फैसलों, नई घोषणाओं और चुनाव को प्रभावित करने वाले विकास कार्यों के क्रियान्वयन पर चुनाव आयोग के दिशा-निर्देश लागू होंगे।
आरक्षण और परिसीमन की प्रक्रिया पूरी
चुनाव से पहले स्वायत्त शासन विभाग की ओर से नगरीय निकायों में आरक्षण और परिसीमन से जुड़ी प्रक्रिया पूरी कर विस्तृत रिपोर्ट राज्य निर्वाचन आयोग को सौंपी गई थी। आयोग के स्तर पर तकनीकी और कानूनी समीक्षा के बाद चुनाव कार्यक्रम को अंतिम रूप दिया गया।
चुनाव कार्यक्रम की घोषणा के साथ ही अब नगर निगम, नगर परिषद और नगरपालिकाओं में राजनीतिक गतिविधियां तेज होने की संभावना है। संभावित प्रत्याशी और राजनीतिक दल चुनावी तैयारियों में जुटेंगे।
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