UP Student Protest: शिक्षण संस्थानों की कमियों पर CM योगी सख्त, जिम्मेदार अधिकारियों की तय होगी जवाबदेही

उत्तर प्रदेश राज्य

 लखनऊ

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कई जिलों में शिक्षण संस्थानों में अव्यवस्थाओं-कुप्रबंधन और शिक्षकों की कमियों को लेकर छात्रों के प्रदर्शन पर सख्त रुख अपनाया है. मुख्यमंत्री ने लखनऊ, आजमगढ़, महोबा, हमीरपुर और उन्नाव समेत कई जिलों में हुए प्रदर्शनों को गंभीरता से लिया है। 

शिक्षकों की कमी और अन्य प्रशासनिक खामियों पर नाराजगी जताते हुए सीएम योगी ने अधिकारियों को समस्याओं का तत्काल समाधान करने के निर्देश दिए हैं. मुख्यमंत्री कार्यालय के अधिकारियों को नोडल अधिकारी नियुक्त कर सभी शिक्षण संस्थानों की निगरानी की जिम्मेदारी सौंपी गई है. व्यवस्था में लापरवाही मिलने पर संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों को चिह्नित कर उनकी जवाबदेही तय की जाएगी। 

मुख्यमंत्री के निर्देश पर बेसिक एवं माध्यमिक शिक्षा, उच्च शिक्षा, तकनीकी एवं व्यावसायिक शिक्षा, समाज कल्याण और श्रम विभाग के अंतर्गत आने वाले सभी शिक्षण संस्थानों की निगरानी अलग-अलग नामित अधिकारियों के जरिए की जाएगी. जहां भी व्यवस्थाओं में कमियां या शिकायतें सामने आएंगी, उनका तुरंत निस्तारण किया जाएगा. इसके साथ ही लापरवाही के जिम्मेदार कर्मचारियों और अधिकारियों को चिह्नित कर कार्रवाई की जाएगी। 

शिक्षिकों की तैनाती में देरी पर सवाल
वहीं, सर्वोदय विद्यालयों में 1 अप्रैल से नया शैक्षणिक सत्र शुरू होने के बावजूद शिक्षकों की तैनाती में हुई देरी पर भी गंभीर सवाल उठे हैं. शिक्षकों की नियुक्ति के लिए जून महीने में विज्ञापन जारी किए जाने की प्रक्रिया में जिन अधिकारियों ने लापरवाही बरती है, उन्हें चिह्नित करने के स्पष्ट निर्देश जारी किए गए हैं. सरकार ने साफ किया है कि पठन-पाठन में किसी तरह की हीलाहवाली बर्दाश्त नहीं होगी। 

सोशल मीडिया शिकायतों पर DM देंगे जवाब
मुख्य सचिव एसपी गोयल ने सभी मंडलायुक्तों और जिलाधिकारियों को स्कूलों से संबंधित सोशल मीडिया पोस्ट पर पैनी नजर रखने के निर्देश दिए हैं. जिलाधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वे अपने सोशल मीडिया अकाउंट्स के जरिए ऐसे मामलों की त्वरित जांच कराएं और तथ्यात्मक जवाब प्रस्तुत करें. इससे भ्रामक सूचनाओं पर रोक लगेगी और समस्याओं का समय पर समाधान हो सकेगा। 

बेसिक और माध्यमिक स्कूलों में अवस्थापना सुविधाओं को मजबूत करने, साफ-सफाई सुनिश्चित करने और छात्रों व अभिभावकों से नियमित संवाद स्थापित करने के लिए विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं. इसके अलावा बारिश के मौसम के दौरान स्कूलों में जलभराव और स्वच्छता संबंधी समस्याओं को दूर करने के लिए ब्लॉक स्तर पर आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए गए हैं। 

What do you feel about this post?

0%
like

Like

0%
love

Love

0%
happy

Happy

0%
haha

Haha

0%
sad

Sad

0%
angry

Angry