रांची.
14वीं झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) की प्रारंभिक परीक्षा में कथित अनियमितताओं की सीबीआई जांच की मांग को लेकर दाखिल जनहित याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई। सुनवाई के बाद सर्वोच्च अदालत ने मामले में जेपीएससी और जेएसएससी को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।
यह जनहित याचिका प्रार्थी हरिशरण देवगन की ओर से सुप्रीम कोर्ट में दाखिल की गई है। याचिका में 14वीं जेपीएससी प्रारंभिक परीक्षा से जुड़े मामले की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) से कराने की मांग की गई है।
जेपीएससी-जेएसएससी से मांगा जवाब
सुप्रीम कोर्ट ने मामले की सुनवाई के दौरान झारखंड लोक सेवा आयोग और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग को नोटिस जारी किया है। अदालत के इस कदम के बाद अब दोनों आयोगों को याचिका में लगाए गए आरोपों और उठाए गए सवालों पर अपना पक्ष रखना होगा
हाईकोर्ट के बाद अब सुप्रीम कोर्ट पहुंचा मामला
JPSC भर्ती परीक्षाओं को लेकर चल रहे विवाद के बीच अब मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच गया है। इससे पहले पिछले सप्ताह झारखंड हाईकोर्ट ने राज्य सरकार के 11वीं और 13वीं JPSC परीक्षा एवं उनसे हुई नियुक्तियों को रद्द करने के फैसले पर रोक लगा दी थी। हाईकोर्ट के इस आदेश से उन अभ्यर्थियों को राहत मिली थी, जिनकी नियुक्तियां रद्द होने की आशंका थी। अब 2025 की JPSC प्रारंभिक परीक्षा में कथित अनियमितताओं की स्वतंत्र जांच की मांग वाली याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई है। हाईकोर्ट के आदेश और सुप्रीम कोर्ट में चल रही सुनवाई के बाद JPSC भर्ती परीक्षाओं को लेकर कानूनी लड़ाई और महत्वपूर्ण हो गई है।
सीबीआई जांच की मांग
बता दें कि, याचिका में 14वीं जेपीएससी प्रारंभिक परीक्षा में कथित अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच की मांग उठाई गई है। प्रार्थी की ओर से मामले की जांच सीबीआई से कराने का अनुरोध किया गया है। अब सुप्रीम कोर्ट के नोटिस के बाद मामले में आगे की सुनवाई और आयोगों के जवाब पर नजर रहेगी।
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