लुधियाना.
रक्षाबंधन से पहले मिठाई और बेकरी उत्पादों के शौकीनों को इस बार अधिक जेब ढीली करनी पड़ सकती है। चीनी, बेसन, मैदा, आटा, देसी घी और ड्राईफ्रूट सहित कई प्रमुख कच्चे माल की कीमतों में बढ़ोतरी से मिठाई और बेकरी कारोबार की उत्पादन लागत बढ़ गई है।
त्योहारी सीजन में मांग बढ़ने के साथ कारोबारियों ने कई उत्पादों के दाम बढ़ाने शुरू कर दिए हैं। ऐसे में राखी पर मिठाई और गिफ्ट पैक खरीदने का बजट पिछले साल की तुलना में बढ़ना तय माना जा रहा है। कारोबारियों के मुताबिक पिछले कुछ समय में कच्चे माल की कीमतों में तेजी आई है। सबसे अधिक असर चीनी और ड्राईफ्रूट की बढ़ी कीमतों का देखने को मिल रहा है।
प्रीमियम मिठाइयों पर अधिक असर
मिठाइयों में इस्तेमाल होने वाले काजू, बादाम, पिस्ता और अन्य ड्राईफ्रूट महंगे होने से प्रीमियम मिठाइयों की लागत बढ़ी है। वहीं बेसन और चीनी के साथ देसी घी के दाम बढ़ने से पारंपरिक मिठाइयों के उत्पादन पर भी सीधा असर पड़ा है। कारोबारियों को उम्मीद है कि रक्षाबंधन के दौरान बाजार में अच्छी मांग रहेगी। हालांकि महंगाई के कारण ग्राहक मिठाई की मात्रा और गिफ्ट पैक का बजट तय करते समय कीमतों को पहले से अधिक महत्व दे सकते हैं। ऐसे में इस बार राखी का त्योहार भाई-बहन के रिश्ते में मिठास के साथ-साथ परिवारों के बजट पर भी अतिरिक्त बोझ डाल सकता है।
4-5% प्रतिशत तक बढ़े मिठाई के दाम
श्रमण जैन स्वीट्स के डायरेक्टर मानिक जैन ने बताया कि कच्चे माल की कीमतों में अचानक हुई बढ़ोतरी के कारण मिठाई के दाम बढ़ाने के अलावा फिलहाल कोई विकल्प नहीं बचा है। कंपनी की ओर से मिठाइयों के दाम में 20 से 30 रुपये तक की बढ़ोतरी की गई है, जो औसतन चार से पांच प्रतिशत के आसपास है। उन्होंने कहा कि कुछ ही दिनों में कच्चे माल की लागत में काफी इजाफा हुआ है। त्योहारी सीजन में इसका असर कीमतों पर पड़ना स्वाभाविक है।
बेकरी उत्पाद भी हुए 10 प्रतिशत तक महंगे
अंकल फूड के डायरेक्टर अमित डंग ने कहा कि बेकरी उत्पाद तैयार करने में इस्तेमाल होने वाले कच्चे माल की लागत काफी बढ़ गई है। इसका असर उत्पादों की कीमतों पर पड़ा है और करीब 10 प्रतिशत तक दाम बढ़ाए गए हैं। उन्होंने कहा कि बढ़ी हुई पूरी लागत ग्राहकों पर नहीं डाली गई है। कारोबारियों ने अपनी ओर से भी कुछ भार वहन करने का प्रयास किया है। उम्मीद है कि आने वाले दिनों में कच्चे माल की कीमतों में स्थिरता आएगी। उन्होंने कहा कि फिलहाल चीनी और ड्राईफ्रूट में सबसे ज्यादा महंगाई देखने को मिल रही है।
प्रमुख कच्चे माल की कीमतों में बढ़ोतरी –
- चीनी : करीब 20 रुपये प्रति किलो तक बढ़ोतरी
- बेसन : करीब 10 रुपये प्रति किलो
- आटा : करीब 4 रुपये प्रति किलो
- देसी घी : करीब 100 रुपये प्रति किलो
- बादाम : करीब 200 रुपये प्रति किलो
- काजू : करीब 125 रुपये प्रति किलो
- मैदा : करीब 10 रुपये प्रति किलो
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