नाम जुड़वाने के लिए कैंपों में भारी भीड़! पंजाब में 1.46 लाख लोगों को SIR नोटिस, जानें जरूरी दस्तावेज

राज्य

जालंधर
 एसआइआर के सर्वे के दौरान जिले में 1.46 लाख लोगों की मैपिंग नहीं हो पाई थी। दूसरे चरण में इन सभी लोगों को सत्यापन के लिए जारी नोटिस मिलने के बाद जिला प्रशासन की ओर से इलेक्ट्रोलर रजिस्ट्रेशन अफसरों (ईआरओ) द्वारा लगाए गए कैंपों में लोगों की भीड़ उमड़ी।

यहां किसी की मैपिंग 2003 की वोटर सूची के साथ नहीं हो रही तो किसी के स्वजन के दस्तावेजों में खामियां हैं। ऐसे में टोकन लेने के बावजूद लोगों को काम करवाने के लिए तीन से चार घंटे तक लग रहे हैं। दरअसल, एसआइआर सर्वे के तहत प्रथम चरण 25 जून से तीन अगस्त तक पूरा किया गया था।

इसके तहत जिले के कुल 16,49,946 वोटरों को बूथ लेवल अधिकारियों द्वारा घर-घर जाकर इन्यूमरेशन फार्म बांटे गए। इनमें से 14,64,949 वोटरों द्वारा अपने इन्यूमरेशन फार्म जमा करवाए गए, जबकि, 1,84,997 वोटरों द्वारा फार्म प्राप्त नहीं हुए।

इन वोटरों में 50,520 वोटर मृतक, 94,356 वोटर अन्य स्थानों पर स्थानांतरित, 8,961 डुप्लीकेट एंट्रीज, 30,157 एब्सेंट या अनट्रेसेबल वोटर व 1,003 अन्य कारणों वाली श्रेणियों में पाए गए थे। इसके अलावा ड्राफ्ट वोटर सूची में 1,46,551 वोटर ऐसे हैं, जिनकी 2003 की वोटर सूची से मैपिंग नहीं हुई।

दूसरे चरण में इन सभी लोगों को सत्यापन के लिए नोटिस जारी किए गए हैं। इन वोटरों को अलग-अलग तिथियों व अलग-अलग जगहों पर कैंप लगाकर बुलाया जा रहा है, जहां पर वोटरों की भीड़ तथा मैपिंग की प्रक्रिया में लग रही देरी के चलते लोगों को अपनी बारी के लिए दो से तीन घंटे तक इंतजार करना पड़ रहा है।

कैंपों में लोगों की भीड़ को व्यवस्थित करने के लिए टोकन जारी किए जा रहे हैं। वहां पर भी लोगों को लंबे समय तक इंतजार करना पड़ रहा है। हालांकि, कैंप में बैठने से लेकर पानी तक का इंतजाम किया गया है। वीरवार को पुडा कांप्लेक्स में कैंप लगेगा।

हलका स्तर पर तैनात किए गए इलेक्ट्रोलर रजिस्ट्रेशन अफसर

    वेस्ट : एस्टेट अफसर जेडीए नवदीप सिंह
    नार्थः जेडीए के मुख्य प्रशासक तेजदीप सिंह सैनी
    सेंट्रल : एसडीएम-1 शुभी आंगरा
    कैंटः आरटीओ बलजिंदर सिंह ढिल्लों
    आदमपुर : एसडीएम लाल विश्वास
    फिल्लौर : एसडीएम दीपक भाटिया
    नकोदर : एसडीएम सिमरनजीत सिंह
    शाहकोट : एसडीएम आदित्य गुप्ता एसडीएम-दो शायरी मल्होत्रा

2003 की वोटर सूची में नहीं था पिता का नाम, मंगवाए दस्तावेज

पुडा परिसर में लगाए गए कैंप में नोटिस हासिल करने वाले सुरेश कुमार ने कहा कि 2003 में वह बालिग नहीं थे तथा उस समय की वोटर सूची में पिता नाम नहीं था। इसके चलते गांव से पिता का के नाम के दस्तावेज मंगवाए गए हैं। लीला रानी ने कहा कि उनकी वोट तो बनी है, लेकिन पति के नाम में स्पैलिंग की गलती है। इसके लिए पति के सही नाम वाले दस्तावेज मांगे गए हैं।

नोटिस मिलने पर यह दस्तावेज करवा सकते हैं जमा
नोटिस मिलने पर उम्र के प्रमाण के तौर पर जन्म प्रमाणपत्र, आधार कार्ड, पैन कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, 10वीं या 12वीं का प्रमाणपत्र अथवा पासपोर्ट दिया जा सकता है।

निवास के प्रमाण के लिए बैंक या डाकघर की पासबुक, बिजली, पानी या गैस का बिल, आधार कार्ड, पासपोर्ट, पंजीकृत किरायानामा अथवा पंजीकृत सेल डीड जैसे दस्तावेज दिए जा सकते हैं। आवेदन के साथ हाल की पासपोर्ट साइज रंगीन फोटो भी देनी होगी।