BJP की पदयात्रा से पहले कर्नाटक सरकार को झटका! घोटाले में घिरे मंत्री बी नागेंद्र ने छोड़ा पद

देश

बेंगलुरु

कर्नाटक के कैबिनेट मंत्री बी नागेंद्र ने शुक्रवार को कर्नाटक महर्षि वाल्मीकि शेड्यूल्ड ट्राइब्स डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन में कथित 89 करोड़ रुपये के घोटाले के मामले में अपने पद से इस्तीफा दे दिया। नागेंद्र का यह इस्तीफा रायचूर से बेल्लारी तक होने वाली भाजपा की 10 दिन की पदयात्रा से ठीक पहले आया है। बी नागेंद्र इस्तीफे की जानकारी देते हुए मीडिया के सामने भावुक हो गए और रो पड़े।

इस्तीफा देते हुए बी नागेंद्र ने आरोप लगाया कि मनुवादियों ने उन्हें टारगेट किया है, क्योंकि वे नहीं चाहते कि आदिवासी आदमी आगे बढ़े। भाजपा पर आरोप लगाते हुए कहा कि वे मुझे ईडी, सीबीआई से नहीं डरा सकते हैं। बता दें कि कर्नाटक के गवर्नर थावरचंद गहलोत ने बी. नागेंद्र से जुड़े मामले में दखल दिया था और सीबीआई ने वाल्मीकि कॉर्पोरेशन स्कैम में मंत्री पर केस चलाने की मंजूरी मांगी थी।

सीएम शिवकुमार ने दिए थे संकेत
मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने शुक्रवार को संकेत दिए कि मंत्री बी नागेंद्र अपने कैबिनेट पद को लेकर जल्द ही खुद बड़ा फैसला लेंगे। शिवकुमार ने बेंगलुरु में संवाददाताओं से बातचीत करते हुए बताया कि नागेंद्र ने सुबह उनसे बात की है और वह जल्द ही मीडिया के सामने आकर अपनी स्थिति स्पष्ट करेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि नागेंद्र ने खुद को कांग्रेस का अनुशासित सिपाही बताते हुए पार्टी के फैसले का पालन करने की बात कही है।

पहले भी दिया था इस्तीफा, फिर हुई वापसी
गौरतलब है कि वाल्मीकि निगम के पैसे को ट्रांसफर करने के आरोपों के बाद नागेंद्र ने पहले भी इस्तीफा दिया था। हालांकि, जांच जारी रहने के दौरान मंत्रिमंडल में उनकी वापसी को लेकर विपक्ष लगातार सरकार पर हमलावर था। दूसरी तरफ पूर्व मुख्यमंत्री एचडी कुमारस्वामी ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि नागेंद्र का इस्तीफा अपेक्षित था और इस पर करीब दस दिन पहले ही फैसला लिया जा चुका था। उन्होंने तंज कसते हुए सवाल उठाया कि राज्य की कांग्रेस सरकार बार-बार खुद को ऐसे राजनीतिक संकट की स्थिति में क्यों ले आती है।

आखिरी तक बचाव करते रहे डिप्टी सीएम परमेश्वर
वहीं, कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री जी. परमेश्वर ने शुक्रवार को ही बी. नागेंद्र का बचाव किया था और कहा था कि उनके इस्तीफे की मांग करने का कोई आधार नहीं है। परमेश्वर ने पत्रकारों से बातचीत में कहा था कि विपक्ष बिना किसी कारण के नागेंद्र के इस्तीफे की मांग कर रहा है। उन्होंने कॉर्पोरेशन से कथित तौर पर डायवर्ट की गई राशि का एक बड़ा हिस्सा वापस मिलने की ओर इशारा किया। उन्होंने कहा, "हमने उन्हें बार-बार बताया है कि उनके इस्तीफे की कोई जरूरत नहीं है। सीबीआई या ईडी की ओर से दायर चार्जशीट में उनका नाम नहीं है और उनसे कोई पैसा भी बरामद नहीं हुआ है।" डीसीएम ने बताया कि जांच एजेंसियों ने इस मामले से जुड़े 84 करोड़ रुपये में से 79 करोड़ रुपये बरामद कर लिए हैं। हालांकि, देर रात बी नागेंद्र ने पद से इस्तीफा दे दिया।

What do you feel about this post?

0%
like

Like

0%
love

Love

0%
happy

Happy

0%
haha

Haha

0%
sad

Sad

0%
angry

Angry