स्वच्छ पंजाब की मुहिम तेज! 10 दिवसीय अभियान में गीले-सूखे कचरे को अलग करने की अपील

राज्य

चंडीगढ़ /जालंधर 

पंजाब को स्वच्छ और हरा-भरा बनाने के लिए राज्य सरकार ने आज से मिशन क्लीन पंजाब नाम से विशेष सफाई अभियान शुरू कर दिया है। अभियान का आगाज स्वास्थ्य मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने पटियाला के थापर चौक पर खुद सफाई कर किया।
अभियान के तहत राज्यभर में उन स्थानों की पहचान कर विशेष सफाई कराई जाएगी, जहां बार-बार कूड़ा जमा होता है। सरकार का मुख्य फोकस गारबेज वल्नरेबल पॉइंट (GVP) को खत्म करने पर रहेगा। इन स्थानों की सफाई के साथ दोबारा वहां कूड़ा न जमा हो, इसके लिए भी जरूरी कदम उठाए जाएंगे।

मंत्री और विधायक भी मैदान में उतरेंगे
मिशन क्लीन पंजाब को जमीनी स्तर पर प्रभावी बनाने के लिए कैबिनेट मंत्री और विधायक भी अभियान में सक्रिय रूप से हिस्सा लेंगे। वे अपने-अपने निर्वाचन क्षेत्रों में सफाई अभियान का नेतृत्व और निगरानी करेंगे। स्थानीय लोगों को भी सफाई गतिविधियों से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा।

जालंधर में AAP ने चलाया मिशन क्लीन

पंजाब सरकार के क्लीन पंजाब अभियान की शुरुआत जालंधर के नकोदर चौक से हुई। यहां कैबिनेट मंत्री मोहिंद्र भगत सहित अन्य ने झाड़ू लगाकर स्वच्छता का संदेश दिया। डीसी वरजीत वालिया ने लोगों को अपने घरों के गीले-सूखे कचरे को अलग-अलग कर मुहिम का हिस्सा। 

सफाई अभियाना में जालंधर के मेयर वीनित धीर और हल्का इंचार्ज नितिन कोहली सहित नगर निगम के कर्मचारियों ने सड़कों की सफाई की। सभी अधिकारियों और कर्मचारियों ने झाड़ू लगाकर अपना योगदान दिया।

कैबिनेट मंत्री मोहिंदर भगत ने कहा कि वे क्लीन पंजाब मुहिम के तहत सड़कों पर पहुंचे हैं। उन्होंने कहा कि शहर की सड़कों या किसी भी इलाके में गंदगी नहीं रहने दी जाएगी। मंत्री ने यह भी जानकारी दी कि यह अभियान 10 दिनों तक चलेगा और सभी मिलकर हर इलाके में इसे चलाएंगे, ताकि आने वाले समय में पूरा पंजाब स्वच्छ हो सके।

क्लीन पंजाब मिशन से बदलेगा शहर का स्वरूप: मेयर मेयर वीनित धीर ने कहा कि भगवंत सिंह मान और लोकल बॉडी मंत्री के नेतृत्व में 10 दिन का 'क्लीन पंजाब' मिशन शुरू किया गया है। निगम की टीम, मेयर, डीसी साहब और सभी कर्मचारी मिलकर इसे कामयाब बनाएंगे। 10 दिनों के भीतर जालंधर का एक नया और साफ-सुथरा स्वरूप सामने आएगा। बीमारियों से बचने के लिए अपने आसपास की सफाई बेहद जरूरी है। लोगों से अपील है कि वे चलते-फिरते सड़कों पर कचरा न फेंकें, क्योंकि शहर खूबसूरत तभी बनेगा जब नागरिक भी जिम्मेदार बनेंगे।

जनता के सहयोग बिना अभियान अधूरा कैबिनेट मंत्री भगत, मेयर धीर और डीसी वालिया ने कहा कि शहर को स्वच्छ बनाने के लिए नगर निगम के प्रयास तभी रंग लाएंगे जब जनता का पूरा सहयोग मिलेगा। अक्सर देखा जाता है कि लोग चलते-फिरते या दुकानों के बाहर कचरे से भरे लिफाफे फेंक देते हैं।

पुलिस और प्रशासन मिलकर लोगों को जागरूक कर रहे हैं और कुछ जगहों पर डस्टबिन भी मुहैया कराए गए हैं। सफाई कर्मचारियों की मेहनत को सफल बनाने के लिए नागरिकों को अपनी जवाबदेही समझनी होगी और सड़कों पर कचरा फेंकने से परहेज करना होगा।

सार्वजनिक स्वास्थ्य सुधारने पर जोर
सरकार का मानना है कि कचरे के ढेर और गंदगी से न केवल शहरों की सुंदरता प्रभावित होती है, बल्कि इससे कई तरह की बीमारियों का खतरा भी बढ़ता है। ऐसे में अभियान के जरिए साफ-सफाई व्यवस्था को बेहतर बनाने के साथ सार्वजनिक स्वास्थ्य में सुधार पर भी जोर दिया जाएगा।

गीला और सूखा कचरा अलग-अलग करना पहला कदम स्वच्छता ही ईश्वर की भक्ति है। जिस तरह हम अपने घर को साफ रखते हैं, उसी तरह पूरे शहर को अपना घर मानकर साफ रखना चाहिए। नगर निगम ने रात के समय कचरा फेंकने वालों को रोकने के लिए स्पेशल मार्शल भी तैनात किए हैं। नागरिकों से अपील है कि वे अपने घरों और प्रतिष्ठानों में गीला और सूखा कचरा अलग-अलग करके ही निगम की टीमों को सौंपें। अगर सभी वर्ग मिलकर टीमवर्क की तरह काम करें, तो इन 10 दिनों में जालंधर को पूरे पंजाब के लिए एक मिसाल बनाया जा सकता है।

लोगों से सहयोग की अपील
सरकार ने प्रदेश के लोगों से मिशन क्लीन पंजाब में बढ़-चढ़कर भाग लेने की अपील की है। लोगों से सार्वजनिक स्थानों पर कूड़ा न फेंकने और अपने आसपास सफाई बनाए रखने में सहयोग करने को कहा गया है। सरकार का लक्ष्य अभियान के दौरान अधिक से अधिक कचरा संवेदनशील स्थानों को साफ कर पंजाब को स्वच्छ बनाने की दिशा में आगे बढ़ना है।

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