विदेश में झारखंड की संस्कृति का जलवा, टीम स्वरांगी ने लोकनृत्य से बांधा समां

राज्य

रांची
 भारत के 80वें स्वतंत्रता दिवस के उपलक्ष्य में लंदन में आयोजित इंडिया @ 80 सामुदायिक समारोह में झारखंड की समृद्ध लोक एवं जनजातीय संस्कृति की शानदार झलक देखने को मिली। भारतीय उच्चायोग और विभिन्न भारतीय संगठनों के सहयोग से हेज स्थित नवनात सेंटर में आयोजित समारोह में करीब तीन हजार भारतीय शामिल हुए।

इस दौरान टीम स्वरांगी ने वीर बिरसा मुंडा को समर्पित झारखंड के विविध लोकनृत्यों की मनमोहक प्रस्तुति देकर प्रवासी भारतीयों का दिल जीत लिया। समारोह की शुरुआत भारतीय तिरंगे के ध्वजारोहण से हुई। 

वंदे मातरम् और राष्ट्रगान जन गण मन का गायन 
यूके में भारत के उच्चायुक्त पेरियासामी कुमारन ने तिरंगा फहराया। इसके बाद उपस्थित लोगों ने सामूहिक रूप से वंदे मातरम् और राष्ट्रगान जन गण मन का गायन किया। पूरा परिसर देशभक्ति और राष्ट्रीय गौरव की भावना से ओतप्रोत हो गया।

अपने संबोधन में उच्चायुक्त पी. कुमारन ने यूके में रह रहे प्रवासी भारतीयों से विदेश की धरती पर भारतीय तिरंगे का सम्मान बनाए रखने और नई पीढ़ी को भारत की सभ्यता, संस्कृति एवं विरासत से जोड़े रखने का आह्वान किया। 

कार्यक्रम में लार्ड रामी रेंजर, लार्ड उदय नागराजू, यूके के सांसद जान मैकडानेल, डीड्रे कास्टिगन, बाब ब्लैकमैन, डैनी बील्स, काउंसिलर रीता चामदल, पूर्व सांसद वीरेंद्र शर्मा और कुलदीप शेखावत समेत कई राजनीतिक एवं सामुदायिक प्रतिनिधि मौजूद रहे।

बिरसा मुंडा को समर्पित रही झारखंड की प्रस्तुति
समारोह के सांस्कृतिक कार्यक्रम में भारत के विभिन्न राज्यों की कला और संस्कृति को मंच मिला। इसी क्रम में टीम स्वरांगी ने झारखंड की जनजातीय परंपरा, लोककला और सांस्कृतिक विविधता को नृत्य के माध्यम से प्रस्तुत किया। प्रस्तुति वीर बिरसा मुंडा को समर्पित रही। 

टीम की कलाकार सम्राग्गी सरकार, श्राबोनी डे, श्रवणी चेनाबोइना, रिमी राय सरकार, निवाशनी मूडली और हिमा देवराजू ने झारखंड के लोकनृत्य की आकर्षक प्रस्तुति दी। पारंपरिक भाव-भंगिमा और नृत्य की विविध शैलियों के माध्यम से कलाकारों ने झारखंड की सांस्कृतिक पहचान को प्रभावी ढंग से सामने रखा। प्रस्तुति को दर्शकों और अतिथियों ने खूब सराहा। 

समारोह के आयोजन में भारतीय उच्चायोग, नेहरू सेंटर, झारखंड-यूके नेटवर्क, उज्ज्वल बंगा, एसईईईएफआई, धुन और टीम स्वरांगी समेत विभिन्न संस्थाओं एवं संगठनों की महत्वपूर्ण भूमिका रही। 

झारखंड-यूके नेटवर्क के उज्ज्वल बंगा ने भारतीय उच्चायोग, नेहरू सेंटर और नवनात सेंटर के प्रति आभार जताते हुए कहा कि ऐसे आयोजनों के माध्यम से विदेश में रह रहे भारतीयों को अपनी जड़ों और सांस्कृतिक विरासत से जुड़े रहने का अवसर मिलता है। उन्होंने झारखंड की संस्कृति और विविधता को प्रदर्शित करने वाले आगामी आयोजनों में प्रवासी समुदाय से भागीदारी की अपील की।

मिथिला की लोक संस्कृति भी रही आकर्षण का केंद्र
समारोह में बिहार-कनेक्ट यूके की मिथिला टीम की महिला सदस्यों ने भगवान राम को समर्पित मिथिला के लोकगीत और लोकनृत्य की प्रस्तुति दी। विभिन्न राज्यों की सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने समारोह को भारत की विविधता और अनेकता में एकता का जीवंत मंच बना दिया।

समारोह में शामिल भारतीयों ने इसे यादगार अनुभव बताया। उनका कहना था कि विदेश की धरती पर भारतीय लोक संगीत, नृत्य, कला, संस्कृति और विरासत को एक साथ देखने का अवसर देश से भावनात्मक जुड़ाव को और मजबूत करता है। यह जानकारी यूके से रांची निवासी जूही प्रिया ने दी।

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