रांची
झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (जेएसएससी) के अधीन झारखंड स्नातक योग्यताधारी संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा (सीजीएल) 2023 में रिश्वत के बल पर सफल हुए चार अभ्यर्थियों को सीआईडी ने शुक्रवार को गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तार अभ्यर्थियों में दीपक कुमार, उमेश कुमार राय, विजय कुमार तिवारी व आनंद कुमार सिंह शामिल हैं।
दीपक कुमार धनबाद के श्यामली होटल नावाडीह के डुप्लेक्स सनशाइन अपार्टमेंट का निवासी है। वहीं, उमेश कुमार राय मूल रूप से बिहार के भेजपुर जिले के जगदीशपुर थाना क्षेत्र के काकिला डयूल का निवासी है और वर्तमान में बोकारो के दुग्दा थाना क्षेत्र के न्यू बीसीसीएल कॉलोनी स्थित क्वार्टर नंबर एम-25/3 रहता था।
तीसरा अभ्यर्थी विजय कुमार तिवारी धनबाद के राजगंज थाना क्षेत्र के रोआम धड़कीड़ो का तथा चौथा आरोपित आनंद कुमार सिंह बिहार के छपरा जिले के कोपा थाना क्षेत्र के चतरा गांव का रहने वाला है। आनंद कुमार सिंह वर्तमान में धनबाद के सुदामडीह थाना क्षेत्र में सुदामडीह रिवरसाइड मार्केट में रहता था।
जेएसएससी सीजीएल में कथित पेपर लीक मामले में एक जनवरी 2025 को सीआईडी थाना कांड संख्या 01/2025 में दर्ज कांड की जांच की जांच के दौरान सभी चारों आरोपित अभ्यर्थियों के विरुद्ध सीआईडी को पर्याप्त साक्ष्य मिले हैं।
चारों ने रिश्वत देकर दलालों, एजेंटों के माध्यम से लीक प्रश्न पाया और उसके उत्तर रटकर परीक्षा में सफलता हासिल की। अब जल्द ही सीआईडी चारों अभ्यर्थियों को रिमांड पर लेकर उनसे पूछताछ करेगी।
आयोग से जुड़े जिम्मेदार पदाधिकारियों की भूमिका भी जांच रही
सीआईडी
सीआईडी अब जेएसएससी से जुड़े जिम्मेदार पदाधिकारियों की भूमिका की भी जांच कर रही है। पूर्व में जेएसएससी ने आयोग के सचिव सुधीर गुप्ता से लंबी पूछताछ कर ली है। अब भी कई जिम्मेदार पदाधिकारी सीआईडी की रडार पर हैं।
वर्तमान में सीआईडी ने परीक्षा संचालित कराने वाली एजेंसी, पेपर लीक के नाम पर वसूली वालों के विरुद्ध जांच की है और इनसे जुड़े डेढ़ दर्जन से अधिक आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया है।
जेएसएससी सीजीएल की परीक्षा संचालित कराने वाली एजेंसी मेसर्स वेबेल टेक्नोलोजी से जुड़े मिथिलेश सिंह के सामने आने के बाद कई अहम राज खुलने की संभावना जताई जा रही है। फिलहाल, मिथिलेश सिंह फरार हैं।
What do you feel about this post?
Like
Love
Happy
Haha
Sad
