जमीन फर्जीवाड़े के पांच आरोपितों को झटका, अदालत ने अग्रिम जमानत याचिका की खारिज

राज्य

रांची
सीआईडी के विशेष न्यायाधीश योगेश कुमार की अदालत में जेपीएससी नियुक्ति गड़बड़ी मामले के आरोपित धर्मेंद्र कुमार की ओर से दाखिल जमानत याचिका पर शुक्रवार को सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान अदालत ने मामले के जांच अधिकारी से केस डायरी की मांग की।

मामले की अगली सुनवाई के लिए दो सितंबर की तिथि निर्धारित की गई। बचाव पक्ष की ओर से अधिवक्ता प्रितांशु कुमार सिंह ने पक्ष रखा। धर्मेंद्र कुमार जेपीएससी के पूर्व अध्यक्ष के कार्यालय में कार्यरत था।

आरोपित ने जमानत की गुहार लगाते हुए 27 अगस्त को याचिका दाखिल की है। मामले में जेल में बंद जेपीएससी के पूर्व अध्यक्ष एल खियांग्ते सहित छह आरोपित अभय कुमार तिवारी उर्फ मनोज तिवारी, अरविंद कुमार, श्वेता कुमारी गुप्ता, सुमन सौरव और उमेश कुमार की जमानत पर भी दो सितंबर को सुनवाई होगी।

जमीन के कागजात में फर्जीवाड़ा करने वाले पांच को नहीं मिली राहत
अपर न्यायायुक्त तृतीय अखिलेश कुमार तिवारी की अदालत में जमीन के कागजात में कथित फर्जीवाड़ा कर जमीन हस्तांतरित करने के पांच आरोपितों को राहत नहीं मिली। अदालत ने आरोपित जोहन कच्छप, जय मसीह कच्छप, वोआस कच्छप, टेलिस्फर एक्का और पत्रास एक्का की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी।

मामले को लेकर धुर्वा थाना में प्राथमिकी दर्ज है। आरोपितों की ओर से कहा गया कि उन्हें भूमि विवाद के कारण झूठे मामले में फंसाया गया है। अभियोजन और सूचक के अधिवक्ता ने जमानत का विरोध किया। अदालत ने केस डायरी का अवलोकन करते हुए कहा कि आरोपितों पर फर्जी और जाली दस्तावेज तथा गलत वंशावली के आधार पर जमीन हस्तांतरित करने का आरोप है।

अदालत ने यह भी पाया कि आरोपित अपने घर से फरार हैं और पुलिस जांच में सहयोग नहीं कर रहा है। जांच अभी प्रारंभिक अवस्था में है। अपराध की प्रकृति और निष्पक्ष जांच की आवश्यकता को देखते हुए अदालत ने पांचों की अग्रिम जमानत खारिज कर दी।

What do you feel about this post?

0%
like

Like

0%
love

Love

0%
happy

Happy

0%
haha

Haha

0%
sad

Sad

0%
angry

Angry