जयपुर
नगरीय निकाय चुनाव में प्रत्याशी चयन को लेकर भाजपा का मंथन रविवार को चौथे दिन भी आधी रात के बाद तक जारी रहा। करीब 4 से 5% सीटों पर अभी अंतिम फैसला नहीं हो सका। पार्टी इन सीटों पर आज फैसला करेगी। प्रदेश कार्यालय में प्रत्याशी चयन में गोपनीयता बनाए रखने पर जोर दिया जा रहा है। प्रत्याशी चयन को लेकर हुई बैठक में मोबाइल को लेकर सख्ती रही। कक्ष में नेताओं और पदाधिकारियों के मोबाइल रखने पर रोक थी।
इसी दौरान मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के निर्देश पर प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ का टेबल पर चार्जिंग में लगा मोबाइल भी सुरक्षाकर्मी (पीएसओ) के जरिए बैठक कक्ष से बाहर भिजवा दिया गया। इस घटनाक्रम का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इससे पहले रविवार को प्रदेश कार्यालय में पहले भरतपुर संभाग के शेष निकायों के वार्डों पर प्रत्याशियों के नाम तय किए गए।
इसके बाद जयपुर संभाग के 2,970 वार्डों पर मंथन शुरू हुआ। स्थानीय राजनीतिक समीकरणों के कारण कई वार्डों पर नाम तय करने में पेच फंसा रहा। सोमवार को नामांकन के अंतिम दिन पार्टी के अधिकृत जिला या निकाय प्रभारी संबंधित रिटर्निंग अधिकारी को प्रत्याशियों के सिंबल सौपेंगे। सूत्रों के अनुसार पार्टी सिंबल वितरण के बाद ही प्रत्याशियों की सूची सार्वजनिक करने की तैयारी में है, ताकि बगावत की आशंका को कम किया जा सके। भाजपा की तरफ से प्रत्याशियों को नामांकन भरने के लिए फोन भी किए गए।
'चर्चा में बैठते है तो वाद-विवाद होते ही है'
भरतपुर संभाग के चुनाव संचालन समिति के प्रभारी अशोक परनामी ने रविवार को प्रदेश कार्यालय में मीडिया के सामने कहा कि मेरे घर पर हुई बैठक में कोई विवाद नहीं हुआ। न तो पूर्व विधायक राजकुमारी जाटव ने कोई चप्पल दिखाई और न ही करौली जिलाध्यक्ष गोवर्धन सिंह जादौन ने कोई गला दबाने का काम किया। जब हम चर्चा में बैठते हैं तो वाद-विवाद होते ही है। बाद में हमने मिलकर एक नाम तय कर दिया।
अलवर निगम में टिकट वितरण को लेकर भाजपा में बगावत शुरू हो गई है। शहर के चार में से दो मंडल अध्यक्षों ने अपनी पूरी कार्यकारिणी के साथ इस्तीफा दे दिया है। ये इस्तीफे भाजपा जिलाध्यक्ष को भेजे गए हैं। वरिष्ठ भाजपाई सुरेश मेहता ने सोशल मीडिया पर लिखा- पार्टी को अनुभवी और पुराने नेताओं की जरूरत नहीं है। हमें घर बैठना चाहिए ताकि स्वार्थी और चापलूस लोगों को जगह मिल सके।
प्रदेश कार्यालय के कार्यकर्ताओं बाहर ने की नारेबाजी
जयपुर शहर के 150 वार्डों में प्रत्याशी चयन को लेकर रविवार देर रात तक माथापच्ची चलती रही। रात करीब 9 बजे के बाद चर्चा शुरू हो सकी। सिविल लाइंस और किशनपोल विधानसभा क्षेत्रों से जुड़े वार्डों में संभावित नामों को लेकर गहमागहमी रही। कुछ कार्यकर्ताओं के प्रदेश कार्यालय पहुंचने और गेट के बाहर नारेबाजी करने से टिकट वितरण का मुद्दा और गरमा गया।
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