कांकेर.
रायपुर से विशाखापटनम के बीच बन रहा 465 किलोमीटर लंबा इकोनॉमिक कॉरिडोर बस्तर के लिए सिर्फ तेज आवागमन का रास्ता नहीं, बल्कि कारोबार के नए अवसर लेकर आने वाला प्रोजेक्ट माना जा रहा है.
छह लेन का यह ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे रायपुर और विशाखापटनम के बीच मौजूदा 597 किलोमीटर की दूरी को करीब 465 किलोमीटर तक सीमित कर देगा. इसके बनने के बाद बस्तर, कांकेर और कोंडागांव जैसे इलाकों की कनेक्टिविटी सीधे बड़े बाजारों और विशाखापटनम पोर्ट से जुड़ जाएगी. कांकेर-कोंडागांव के बीच 2.83 किलोमीटर लंबी ट्विन टनल इस परियोजना की बड़ी विशेषता है. पहाड़ी और जंगल वाले क्षेत्र में बन रही यह सुरंग प्रदेश की प्रमुख इंजीनियरिंग उपलब्धियों में शामिल होगी. वहीं ओडिशा सीमा के पास एलिवेटेड वियाडक्ट भी बनाया जा रहा है. बेहतर सड़क संपर्क से बस्तर की कृषि और वनोपज को बड़े बाजारों तक पहुंचाने में आसानी होगी.
महुआ, इमली, धान और हस्तशिल्प जैसे उत्पादों के परिवहन में समय और लागत कम होने की उम्मीद है. करीब 20 हजार करोड़ रुपये की लागत से बन रहे इस कॉरिडोर के 2027 तक शुरू होने की संभावना है. ऐसे में एक्सप्रेसवे बस्तर के लिए सड़क से ज्यादा आर्थिक विकास की नई लाइफलाइन बन सकता है.
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