नई दिल्ली/ मुंबई
हर नया महीना अपने साथ जिंदगी और जेब से जुड़े कुछ बदलाव जरूर लेकर आता है. नया महीना सितंबर शुरू हो चुका है. कैलेंडर बदलते ही रसोई गैस, इनकम टैक्स, दूध के भाव से लेकर हवाई यात्रा तक के कई अहम नियम बदल चुके हैं. इनमें से कुछ बदलाव जहां आपकी रोजमर्रा की जिंदगी को आसान बनाएंगे, वहीं कुछ ऐसे भी हैं जो आपकी जेब पर सीधा बोझ डालेंगे. अगर आप भी अनजाने में अतिरिक्त चार्ज या जुर्माने से बचना चाहते हैं, तो 1 सितंबर से लागू हुए इन 5 बड़े बदलावों के बारे में जान लीजिए।
सितंबर के पहले दिन तेल कंपनियों ने कमर्शियल एलपीजी उपभोक्ताओं को महंगाई का झटका दिया है. 19 किलोग्राम वाले कमर्शियल सिलेंडर की कीमतों में ₹9.50 की बढ़ोतरी कर दी गई है. इसके अलावा 5 किलोग्राम वाले नॉन-डोमेस्टिक सिलेंडर का भाव भी ₹2 बढ़ाकर ₹762 से ₹764 कर दिया गया है. इससे होटल और रेस्टोरेंट का खाना महंगा हो सकता है. हालांकि, राहत की बात यह है कि 14.2 किलो वाले घरेलू गैस सिलेंडर के रेट में कोई बदलाव नहीं हुआ है।
महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई में रहने वालों के लिए 1 सितंबर की तारीख महंगाई की मार लेकर आई है. एक ही दिन में तीन अलग-अलग मोर्चों पर आम आदमी की जेब पर असर पड़ा है. दूध, सीएनजी-पीएनजी और ऑटो-टैक्सी का किराया, तीनों एक साथ महंगे हो गए हैं. गैस कंपनी महानगर गैस ने सीएनजी और घरेलू पीएनजी के दाम बढ़ा दिए हैं, टैक्सी और ऑटो का न्यूनतम किराया भी बढ़ गया है, और तबेले का दूध भी अब पहले से महंगा मिलेगा।
सबसे पहले बात गैस की. महानगर गैस यानी एमजीएल ने सोमवार को बताया कि मुंबई और आसपास के इलाकों में सीएनजी की कीमत में 2 रुपये प्रति किलो का इजाफा किया गया है. अब यहां सीएनजी 88 रुपये प्रति किलो में मिलेगी. घरेलू पीएनजी की कीमत भी 1 रुपये प्रति एससीएम बढ़ाई गई है. यह बढ़ोतरी 1 सितंबर की आधी रात से ही लागू हो चुकी है।
कंपनी का कहना है कि पश्चिम एशिया में चल रहे तनाव के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में गैस की कीमतें काफी बढ़ गई हैं, जिसका सीधा असर उनकी लागत पर पड़ रहा है. कंपनी को महंगे दामों पर स्पॉट आरएलएनजी आयात करनी पड़ रही है, इसलिए यह बढ़ोतरी जरूरी हो गई।
दूसरा झटका सफर करने वालों को लगा है. मुंबई महानगर क्षेत्र परिवहन प्राधिकरण यानी एमएमआरटीए ने ऑटो और टैक्सी के किराए में बढ़ोतरी को मंजूरी दे दी है. अब ऑटो का न्यूनतम किराया 27 रुपये और काली-पीली टैक्सी का न्यूनतम किराया 33 रुपये हो गया है. टैक्सी का प्रति किलोमीटर किराया 20.66 रुपये से बढ़कर 21.90 रुपये हो गया है, जबकि ऑटो का किराया 17.14 रुपये से बढ़कर 18.22 रुपये प्रति किलोमीटर कर दिया गया है।
पहले 1.5 किलोमीटर के लिए टैक्सी में अब 31 की जगह 33 रुपये देने होंगे. ड्राइवरों को अपने मीटर नई दरों के हिसाब से कैलिब्रेट कराने के लिए नवंबर के अंत तक का समय मिला है, वरना जुर्माना भरना पड़ सकता है. मुंबई में साढ़े चार लाख से ज्यादा ऑटो और 50 हजार से अधिक टैक्सियां चलती हैं. इससे पहले किराया फरवरी 2025 में बढ़ा था, यानी करीब 18 महीने बाद यह बढ़ोतरी हुई है।
तीसरा और सबसे सीधा असर दूध पर पड़ा है. आज से तबेले का दूध 9 रुपये प्रति लीटर महंगा हो गया है. अब यह 93 की जगह 102 रुपये प्रति लीटर मिलेगा. यह नई कीमत अगले साल 28 फरवरी तक लागू रहेगी।
दूध उत्पादकों का कहना है कि पशु आहार जैसे अनाज, तूर चुनी और चना चुनी की कीमतें 25 फीसदी तक बढ़ चुकी हैं, इसलिए यह फैसला लेना पड़ा।
दूध के दाम बढ़े
मुंबई और आसपास के इलाकों में रहने वाले लोगों को अब दूध लेने के लिए ज्यादा दाम चुकाने होंगे. मुंबई मिल्क प्रोड्यूसर्स एसोसिएशन ने डेयरी फार्मों से मिलने वाले भैंस के दूध के थोक दाम सीधे ₹93 से बढ़ाकर ₹102 प्रति लीटर कर दिए हैं. दूध की कीमतों में हुआ यह ₹9 का भारी इजाफा 28 फरवरी तक लागू रहेगा. इस बढ़ोरती से दूध के साथ ही दूध से बने सभी डेयरी उत्पाद महंगे हो जाएंगे।
LPG e-KYC की डेडलाइन खत्म
एलपीजी कनेक्शन की ई-केवाईसी कराने की अंतिम तारीख 31 अगस्त थी, जो अब बीत चुकी है. आपने अगर अपने घरेलू रसोई गैस कनेक्शन की ई-केवाईसी (e-KYC) नहीं कराई है, तो आपकी मुश्किलें बढ़ सकती हैं. जिन उपभोक्ताओं ने यह प्रोसेस पूरा नहीं किया है, उन्हें आगे गैस सिलेंडर की बुकिंग कराने और बैंक खाते में सब्सिडी हासिल करने में दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है।
ITR फाइल करने पर लगेगा जुर्माना
असेसमेंट ईयर 2026-27 के लिए नॉन-ऑडिट खातों वाले टैक्सपेयर्स के पास बिना पेनाल्टी इनकम टैक्स रिटर्न (ITR-3 और ITR-4) फाइल करने की आखिरी तारीख 31 अगस्त थी. अगर आप इस डेडलाइन से चूक गए हैं, तो अब रिटर्न फाइल करने पर आपको लेट फीस चुकानी होगी।
बोर्डिंग पास पर मुहर का झंझट खत्म
विदेश यात्रा करने वाले भारतीय यात्रियों के लिए एक बड़ा और राहत भरा नियम लागू हुआ है. ब्यूरो ऑफ इमिग्रेशन ने एयरपोर्ट्स पर इमिग्रेशन काउंटर पर फिजिकल बोर्डिंग पास पर मुहर (स्टैम्प) लगाने की व्यवस्था को बंद कर दिया है. अब अंतरराष्ट्रीय यात्री अपने मोबाइल में इलेक्ट्रॉनिक बोर्डिंग पास या डिजिटल कॉपी दिखाकर तेजी से इमिग्रेशन क्लीयर कर सकेंगे, जिससे लंबी कतारों और समय की बर्बादी से मुक्ति मिलेगी।
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