सहारे से आत्मनिर्भरता की ओर कदम, तीन दिव्यांगजनों को मिली ट्राईसिकल

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कलेक्टर ने प्रदान की ट्राईसिकल, स्वावलंबन की ओर बढ़े कदम

संयुक्त जिला कार्यालय बालोद में आयोजित जनदर्शन कार्यक्रम में आज संवेदनशील प्रशासन और त्वरित जनसमस्या समाधान की सुखद तस्वीर देखने को मिली। जनदर्शन में पहुंचे तीन दिव्यांगजनों की आवश्यकता को देखते हुए कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा ने उन्हें मौके पर ही ट्राईसिकल प्रदान की। शासन की इस त्वरित सहायता से अब इन दिव्यांगजनों के लिए आवागमन आसान होने के साथ ही उनके रोजमर्रा के काम और आजीविका से जुड़ी गतिविधियों को भी नई गति मिलेगी। सहायता मिलने पर लाभार्थियों के चेहरे खुशी से खिल उठे और उन्होंने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए भावुक होकर कहा “धन्यवाद विष्णु भैया।”

 जनदर्शन में दिव्यांगजनों की स्थिति का परीक्षण करने के बाद उनकी दिव्यांगता के प्रतिशत के आधार पर सहायता उपलब्ध कराई गई। डौण्डीलोहारा विकासखंड के ग्राम मनकी सा निवासी सुश्री टुमेश्वरी और ग्राम कोबा निवासी श्रीमती शशिकला को 80 प्रतिशत दिव्यांगता होने पर आधुनिक बैटरी चालित ट्राईसिकल प्रदान की गई। वहीं बालोद विकासखंड के ग्राम तमोरा निवासी श्री राजेश कुमार को 50 प्रतिशत दिव्यांगता के आधार पर सामान्य ट्राईसिकल प्रदान की गई।

बैटरी ट्राईसिकल से आत्मनिर्भर होंगी टुमेश्वरी

डौण्डीलोहारा विकासखंड के ग्राम पंचायत मनकी सा निवासी टुमेश्वरी ने बताया कि दिव्यांगता के कारण उन्हें आने-जाने में काफी परेशानी होती थी। रोजमर्रा के जरूरी कामों के लिए उन्हें अपने पिता या भाई पर निर्भर रहना पड़ता था। इससे न केवल उनकी स्वयं की कठिनाइयां बढ़ती थीं, बल्कि परिवार के सदस्यों का समय भी प्रभावित होता था।टुमेश्वरी स्व-सहायता समूह से जुड़कर कार्य कर रही हैं। उन्होंने बताया कि अब बैटरी चालित ट्राईसिकल मिलने से वह बैंक आने-जाने सहित स्व-सहायता समूह से जुड़े कार्य स्वयं कर सकेंगी। किसी पर निर्भरता कम होने से उनके आत्मविश्वास में भी वृद्धि होगी। उन्होंने इस सहायता के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय का आभार जताते हुए कहा “धन्यवाद विष्णु भैया।”

ट्राईसिकल ने शशिकला के कारोबार को दी नई रफ्तार

  ग्राम कोबा निवासी श्रीमती शशिकला गांव में ही किराने की छोटी दुकान संचालित करती हैं। दिव्यांगता के कारण दुकान आने-जाने और आवश्यक सामग्री खरीदने के लिए दूसरे गांव जाने में उन्हें काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। कई बार उन्हें दूसरों की मदद लेनी पड़ती थी। बैटरी चालित ट्राईसिकल मिलने के बाद अब उनका आवागमन सुगम होगा और वह अपने व्यवसाय से जुड़े काम अधिक आसानी से कर सकेंगी। शशिकला ने कहा कि इतनी कम अवधि में मिली सहायता ने उनका आत्मविश्वास बढ़ाया है। उन्होंने प्रशासन की संवेदनशीलता और त्वरित कार्रवाई की सराहना करते हुए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए विष्णु भैया को धन्यवाद कहा।

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