मनरेगा श्रमिकों के लिए बड़ा बदलाव, महिलाओं के लिए अलग तय हुई कार्य-दर

राज्य

 रांची
राज्य में वीबी जीरामजी योजना के तहत कार्यरत अकुशल श्रमिकों के लिए कार्य की मात्रा पूर्व की तुलना में कम कर दी गई है। इस योजना के अंतर्गत कार्यरत श्रमिकों को अब मिट्टी कटाई के कार्य में पूर्व निर्धारित 73 सीएफटी के स्थान पर औसतन 50.43 सीएफटी कार्य करने पर एक दिन की मजदूरी दिए जाने का प्रविधान किया गया है।

इसके तहत महिलाओं के लिए इसकी सीमा 46.97 सीएफटी ही रखी गई है। राज्य सरकार यह व्यवस्था कर रही है कि निर्धारित सॉफ्टवेयर सेक्योर साफ्ट में नई दरों को शीघ्र ही अपलोड किया जाए। इससे कार्य की मात्रा एवं मजदूरी भुगतान के बीच बेहतर समन्वय स्थापित होगा।

मजदूरी भुगतान व्यवस्था को अधिक वैज्ञानिक, न्यायसंगत एवं श्रमिक हितैषी बनाने की दिशा में यह पहल की गई है। ग्रामीण विकास मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा निर्धारित प्रक्रिया के तहत विभिन्न श्रेणियों के श्रमिकों की कार्यक्षमता, कार्य की प्रकृति, श्रम एवं निर्धारित कार्यदिवस में किए जा सकने वाले कार्य की मात्रा का आकलन किया गया है।

झारखंड में वर्तमान व्यवस्था के तहत एक दिन की मजदूरी के भुगतान के लिए 73 सीएफटी मिट्टी कटाई का कार्य निर्धारित था। टाइम एंड मोशन के आधार पर अब विभिन्न श्रेणियों के श्रमिकों के लिए कार्य-मात्रा को युक्तिसंगत बनाया गया है।

इसके माध्यम से यह सुनिश्चित किया गया है कि निर्धारित कार्य-मात्रा एक सामान्य श्रमिक द्वारा सामान्य कार्यदिवस में वास्तविक रूप से पूरी की जा सके। ग्रामीण विकास मंत्रालय के दिशा-निर्देशों में महिलाओं, बुजुर्गों तथा दिव्यांग श्रमिकों के लिए अलग दर निर्धारित करने का भी प्रविधान है। निर्धारित दरों को लेकर मंत्रालय से अनुमोदन प्राप्त हो चुका है।

What do you feel about this post?

0%
like

Like

0%
love

Love

0%
happy

Happy

0%
haha

Haha

0%
sad

Sad

0%
angry

Angry