वाशिंगटन
ईरान युद्ध से जुड़ी अहम जानकारी मीडिया तक पहुंचने के मामले में अमेरिका ने जांच तेज कर दी है. पेंटागन (संयुक्त राज्य अमेरिका के रक्षा विभाग ) ने करीब 50 ज्वाइंट स्टाफ सदस्यों का ट्रंप सरकार ने पॉलीग्राफ टेस्ट कराया है. जांच का मकसद यह पता लगाना है कि ईरान युद्ध से जुड़ी गोपनीय जानकारी पत्रकारों तक किसने पहुंचाई।
पहले जानते हैं पॉलीग्राफ टेस्ट क्या है. पॉलीग्राफ टेस्ट (Polygraph Test) को आम भाषा में लाई डिटेक्टर टेस्ट (Lie Detector Test) या झूठ पकड़ने वाली जांच कहा जाता है. इसमें सवालों के जवाब देते समय व्यक्ति की सांस, दिल की धड़कन और शरीर में होने वाले बदलावों को रिकॉर्ड किया जाता है. इन बदलावों से जांचकर्ता यह समझने की कोशिश करते हैं कि जवाब देते समय व्यक्ति के शरीर में किस तरह की प्रतिक्रिया हुई।
हालांकि, किसी व्यक्ति के तनाव में होने का मतलब यह अपने आप साबित नहीं करता कि वह झूठ बोल रहा है. इसलिए पॉलीग्राफ टेस्ट को जांच का एक हिस्सा माना जाता है, अंतिम सबूत नहीं. खैर, अब लौटते हैं अपनी खबर पर।
यह जानकारी अमेरिकी न्यूज एजेंसी द न्यूयॉर्क टाइम्स के हवाले से सामने आई है. रिपोर्ट के मुताबिक, जांच के दायरे में अमेरिकी सेना के ज्वाइंट स्टाफ से जुड़े करीब 50 लोग आए हैं. इनमें सैन्य अधिकारी के साथ कुछ नागरिक कर्मचारी भी शामिल हैं. पिछले महीने उनसे सवाल किए गए कि क्या उन्होंने अमेरिका के कम होते हथियारों के भंडार से जुड़ी जानकारी किसी पत्रकार को दी थी।
ईरान युद्ध में हथियारों की कमी की जानकारी लीक होने का शक
मामला सिर्फ सामान्य सैन्य जानकारी के लीक होने का नहीं है. जांच उन खबरों को लेकर हो रही है, जिनमें ईरान के साथ युद्ध के दौरान अमेरिका के कुछ जरूरी हथियारों की कमी की बात सामने आई थी. ऐसे हथियार युद्ध में बेहद अहम होते हैं, इसलिए इनसे जुड़ी जानकारी को संवेदनशील माना जाता है. अब अमेरिकी जांचकर्ता यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि सैन्य व्यवस्था के भीतर से यह जानकारी बाहर कैसे पहुंची. इसी वजह से ज्वाइंट स्टाफ से जुड़े लोगों से पूछताछ की गई. पॉलीग्राफ टेस्ट भी इसी जांच का हिस्सा है।
पेंटागन ने क्या कहा?
इस मामले पर पेंटागन ने जांच से जुड़ी खास जानकारी देने से इनकार किया है. रिपोर्ट के मुताबिक, पेंटागन के प्रवक्ता सीन पार्नेल ने कहा कि विभाग आंतरिक कर्मचारियों या जांच से जुड़े मामलों पर टिप्पणी नहीं करता. उनका कहना था कि राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ी गोपनीय जानकारी लीक होने के सभी मामलों को बेहद गंभीरता से लिया जाता है और उनकी जांच की जाती है।
पेंटागन अमेरिका के रक्षा विभाग का मुख्यालय है. यह वर्जीनिया के आर्लिंगटन में स्थित है. फिलहाल जांच का सबसे बड़ा सवाल यही है कि ईरान युद्ध के दौरान अमेरिका के हथियारों की स्थिति से जुड़ी संवेदनशील जानकारी पत्रकारों तक आखिर कैसे पहुंची।
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