पाकिस्तानी संगठन को लाइव फीड देने का आरोप, दिल्ली कैंट-सोनीपत स्टेशनों पर लगाए थे कैमरे

उत्तर प्रदेश राज्य

  लखनऊ
देश के संवेदनशील स्टेशनों, महत्वपूर्ण स्थानों पर सोलर पैनल कैमरा लगाकर पाक स्थित संदिग्ध संगठन को जानकारी भेजने के मामले में एनआईए ने शनिवार को 13 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की। आरोपपत्र में खुलासा हुआ कि जूते में छुपा कर 12 भारतीय सिम कार्ड दुबई भेजे गए थे। चार्जशीट के अनुसार, आरोपी सरदार जोरा सिंह ने अन्य आरोपियों की मदद से 15 फरवरी को दिल्ली कैंट स्टेशन का दौरा किया। इसके बाद स्टेशन पर सोलर पैनल कैमरा लगाया और पाकिस्तानी संगठन को लाइव प्रसारण उपलब्ध कराई।

कैमरे का उपयोग करके सैन्य प्रातिष्ठानों की वीडियो भी ली गई। आरोपियों ने कैमरों को चलाने के लिए शिवा बाल्मीकि के नाम से पंजीकृत सिम का प्रयोग किया। आरोपी साने इरम ने भारतीय सिम के साथ व्हाटसऐप इंस्टॉल करने के लिए सरदार जोरा सिंह को दो ओटीपी भेजी थी। राज और शिवा वाल्मीकि ने कौशांबी के कोरियर से जूते में छिपाकर 12 भारतीय सिम दुबई भेजे थे। एनआईए ने विशेष न्यायाधीश ने आरोपी प्रवीण, राज वाल्मीकि, शिवा वाल्मीकि, रितिक गंगवार, समीर उर्फ शूटर, दुर्गेश निषाद, नौशाद, गगन कुमार, विवेक, शिवराज, मीरा ठाकुर और शाने इरम सहित 13 आरोपियों के ख़िलाफ़ सुनवाई शुरू कर दी है।

पाक की सोलर कैमरे तक पहुंच: एनआईए
एनआईए की ओर से अदालत को बताया गया कि संदिग्ध पाकिस्तानी संगठन के निर्देश पर आरोपी प्रवीण व शिवराज ने दो जेसीएल के साथ 25 फरवरी को सोनीपत रेलवे स्टेशन का दौरा किया इन आरोपियों ने रेलवे स्टेशन पर सोलर पैनल कैमरा लगाया और पाकिस्तानी संगठन को लाइव कैमरे की पहुंच प्रदान की। यह भी बताया गया कि आरोपियों ने दिल्ली कैंट के कैमरों को चलाने के लिए शिवा बाल्मीकि के नाम से पंजीकृत सिम का प्रयोग किया जबकि आरोपी साने इरम ने भारतीय सिम के साथ वॉट्सएप इनस्टॉल करने के लिए सरदार जोरा सिंह को दो ओटीपी भेजी थी। इसके साथ ही साथ शिवा वाल्मीकि, ऋतिक गंगवार और सुहैल मलिक ने छह कंप्यूटर माउस भेजे थे।

जबकि राज बाल्मिक और शिवा वाल्मीकि ने कौशांबी के ब्लू डॉट कोरियर से दुबई में स्पोर्ट्स शूज की एक जोड़ी भेजी थी और दोनों मौके पर शिवा वाल्मीकि के मोबाइल नंबर का उपयोग खेप बुक की गई थी। चार्जशीट में आगे कहा गया कि सरदार जोरा सिंह और विक्की जद्दू के निर्देश पर गाजियाबाद के ब्लू डार्ट कोरियर के ज़रिए जूते में छुपा कर 12 भारतीय सिम कार्ड दुबई भेजे गए थे। बताया गया कि संदिग्ध पाकिस्तानी संगठन के निर्देश पर उनके द्वारा जीपीएस मैप कैमरे का उपयोग करके विभिन्न सैन्य प्रातिष्ठानों की वीडियो तस्वीर ली गई।

अब तक 21 आरोपी गिरफ्तार कर भेजे गए जेल
कोर्ट में बताया गया कि इस मामले में अब तक 21 आरोपी गिरफ्तार हो चुके हैं। इनमें से 5 नाबालिग आरोपियों के खिलाफ एनआईए ने इसी साल 18 मई को गाज़ियाबाद के किशोर न्याय बोर्ड में अपनी रिपोर्ट दाखिल की थी। जांच में सामने आया है कि आरोपियों ने देश की संप्रभुता और अखंडता के खिलाफ आपराधिक साजिश रची। वे प्रतिबंधित व अति संवेदनशील क्षेत्रों में अवैध रूप से घुसे, वहां जासूसी कैमरे लगाए, और फोटो-वीडियो को जियो-टैगिंग के साथ दुश्मन देश में बैठे हैंडलरों को भेजा। साथ ही आरोपियों ने दुश्मन देश से जुड़े लोगों को भारतीय सिम कार्ड उपलब्ध कराए और उन्हें संवेदनशील प्रतिष्ठानों की सटीक जीपीएस लोकेशन के साथ फोटो-वीडियो जुटाने में मदद की। इससे देश की सुरक्षा को गंभीर खतरा पैदा हुआ।

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