बिलासपुर.
हाईकोर्ट में प्रभार लेने के बाद आज शाम अपने सम्मान में हुए ओवेशन को सम्बोधित करते हुए चीफ जस्टिस कृष्ण राम महापात्र ने कहा कि उनके प्रति व्यक्त किए गए शब्दों को वे केवल प्रशंसा के रूप में स्वीकार नहीं करते, बल्कि एक जिम्मेदारी तथा उस स्नेह और विश्वास की अभिव्यक्ति के रूप में स्वीकार करते हैं, जिसके साथ उनका इस संस्था में स्वागत किया गया है.
उन्होंने कहा कि, छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश के रूप में सेवा करने का अवसर उनके लिए सम्मान और सौभाग्य की बात है, क्योंकि वे भगवान जगन्नाथ की पावन भूमि ओडिशा से मां महामाया की पवित्र भूमि छत्तीसगढ़ आए हैं. जस्टिस महापात्र ने कहा कि ओडिशा और छत्तीसगढ़ के बीच केवल सीमा साझा करने का संबंध नहीं है, बल्कि दोनों की संस्कृति, परंपराओं और सामाजिक जीवन में अनेक समानताएं हैं. महानदी दोनों राज्यों को जोड़ने वाली महत्वपूर्ण कड़ी है. पड़ोसी राज्य होने के कारण यहां आना उनके लिए किसी अपरिचित स्थान पर आने जैसा नहीं है.
ओवेशन में जस्टिस पार्थ प्रतिम साहू, जस्टिस एन. के. व्यास जस्टिस सचिन सिंह राजपूत, जस्टिस राकेश मोहन पांडे,, एन के चंद्रवंशी जस्टिस रविंद्र कुमार अग्रवाल, जस्टिस बिभू दत्त गुरु, जस्टिस संजय कुमार जायसवाल, जस्टिस ए के प्रसद्द सहित सभी न्यायमूर्ति व नय्यैक अधिकारी अधिवक्ता उपस्थित रहे.
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