नर्सिंग ऑफिसर्स एसोसिएशन ने संविदा नियुक्तियों के खिलाफ खोला मोर्चा, CG में बढ़ा विरोध

छत्तीसगढ़ रायपुर

रायपुर.

पदोन्नति के पदों पर की गई संविदा नियुक्तियों को निरस्त करने और नर्सिंग संवर्ग की विभिन्न लंबित मांगों को लेकर नर्सिंग ऑफिसर्स एसोसिएशन छत्तीसगढ़ ने तीन दिवसीय सांकेतिक विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया है।

प्रदर्शन के पहले दिन गुरुवार को डॉ. भीमराव अंबेडकर स्मृति चिकित्सालय रायपुर परिसर में संघ के पदाधिकारियों और नर्सिंग कर्मचारियों ने प्रदर्शन किया। संघ का कहना है कि लंबे समय से नर्सिंग संवर्ग की कई मांगें लंबित हैं, लेकिन शासन-प्रशासन की ओर से इनके निराकरण की दिशा में अपेक्षित कार्रवाई नहीं की गई है। इन्हीं मांगों को लेकर तीन दिवसीय सांकेतिक प्रदर्शन के जरिए शासन का ध्यान आकर्षित किया जा रहा है।

पदोन्नति के पदों पर संविदा नियुक्ति का विरोध
एसोसिएशन की प्रमुख मांग नर्सिंग डेमोंस्ट्रेटर और सहायक प्राध्यापक के पदों पर की संविदा नियुक्तियों को निरस्त करना है। संघ ने मांग की है कि पोस्ट बेसिक बीएससी नर्सिंग, बीएससी नर्सिंग और एमएससी नर्सिंग की योग्यता रखने वाले नर्सिंग संवर्ग के कर्मचारियों को वरिष्ठता सूची के आधार पर पदोन्नति दी जाए। संघ ने बताया कि नर्सिंग डेमोंस्ट्रेटर के 22 और सहायक प्राध्यापक के 18 पदों पर सीधी भर्ती के आदेश स्वीकृत होने के बावजूद अब तक विज्ञापन जारी नहीं किया गया है। एसोसिएशन ने इन पदों पर चिकित्सा शिक्षा विभाग के पात्र नर्सिंग कर्मचारियों को पदोन्नति का अवसर देने की मांग की है।

अलाउंस और वेतन बढ़ाने की मांग
नर्सिंग ऑफिसर्स एसोसिएशन ने चिकित्सा शिक्षा विभाग के नर्सिंग संवर्ग के ग्रेड-पे और वेतनमान में वृद्धि से संबंधित प्रस्ताव को शासन स्तर पर भेजकर जल्द स्वीकृति देने की मांग की है। इसके अलावा नर्सिंग ऑफिसर और सीनियर नर्सिंग ऑफिसर पदनाम से संबंधित घोषणा के अनुरूप आदेश जारी करने की मांग भी रखी गई है। संघ ने नर्सिंग अलाउंस 7,200 रुपये और वॉशिंग अलाउंस 1,800 रुपये प्रतिमाह किए जाने की मांग की है। वहीं संविदा और कलेक्टर दर पर कार्यरत स्टाफ नर्सों के लिए न्यूनतम 40 हजार रुपये प्रतिमाह वेतन निर्धारित करने की मांग भी शामिल है।

लंबित पदोन्नति प्रक्रिया पूरी करने की मांग
एसोसिएशन ने नर्सिंग सिस्टर, सहायक नर्सिंग अधीक्षक, उप नर्सिंग अधीक्षक, डेमोंस्ट्रेटर और सहायक प्राध्यापक के पदों पर लंबित पदोन्नति प्रक्रिया जल्द पूरी करने की मांग की है। साथ ही स्टाफ नर्सों के रिक्त पदों पर नियमित भर्ती करने और पहले से कार्यरत संविदा एवं कलेक्टर दर के स्टाफ नर्सों को नियमित पदों पर प्राथमिकता देने की मांग की गई है। इसके अलावा समयमान वेतनमान से संबंधित आदेश जारी करने की मांग भी संघ ने रखी है।

1500 से बढ़ाकर 15 हजार रुपये दें स्टाइपेंड
नर्सिंग छात्र-छात्राओं के स्टाइपेंड को लेकर भी एसोसिएशन ने सरकार से बड़ा बदलाव करने की मांग की है। संघ के मुताबिक वर्ष 1998-99 से नर्सिंग विद्यार्थियों को 1,500 रुपये प्रतिमाह स्टाइपेंड दिया जा रहा है, जिसमें पिछले 27 वर्षों में कोई वृद्धि नहीं हुई है। एसोसिएशन ने इसे बढ़ाकर 15 हजार रुपये प्रतिमाह करने की मांग की है। प्रदर्शन के पहले दिन चिकित्सा शिक्षा विभाग के नियमित नर्सिंग संवर्ग के कर्मचारियों के साथ संविदा और डेली वेजेस पर कार्यरत स्टाफ नर्सों ने भी हिस्सा लिया। संघ ने कहा कि तीन दिवसीय सांकेतिक प्रदर्शन के माध्यम से शासन तक अपनी मांगें पहुंचाई जा रही हैं और लंबित मुद्दों के शीघ्र निराकरण की उम्मीद है।

What do you feel about this post?

0%
like

Like

0%
love

Love

0%
happy

Happy

0%
haha

Haha

0%
sad

Sad

0%
angry

Angry