गणेश चतुर्थी पर गजानन से लेकर महाकाल तक खास श्रृंगार, खजराना में स्वर्ण आभूषण तो भस्म आरती में गणेश रूप में सजे बाबा महाकाल

मध्य प्रदेश राज्य

इंदौर / उज्जैन 

गणेश चतुर्थी पर आज गणपति बप्पा की स्थापना होगी। घरों से लेकर बड़े गणेश मंदिरों और पंडालों तक उत्सव की तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। इंदौर के खजराना गणेश, उज्जैन के चिंतामन गणेश समेत प्रदेश के प्रमुख मंदिरों में विशेष पूजन, श्रृंगार और दर्शन की तैयारिया में जुटे। 

इंदौर के खजराना गणेश मंदिर में करीब 7 करोड़ के स्वर्ण आभूषण भगवान को धारण कराए जाएंगे। इससे पहले रविवार को ब्रह्ममुहूर्त में भगवान को हीरे जड़ित नेत्र धारण करा दिए गए। बड़ा गणपति मंदिर में भी भगवान का आकर्षक श्रृंगार होगा। 25 फीट ऊंचे गणपति की रोजाना एक घंटे संगीतमय आरती होगी।

उज्जैन के चिंतामन गणेश मंदिर की खास परंपराओं में से एक मंदिर के पीछे उल्टा स्वास्तिक बनाना है। श्रद्धालु भगवान की पीठ की ओर उल्टा स्वास्तिक बनाकर अपनी मनोकामना मांगते हैं। मान्यता पूरी होने के बाद श्रद्धालु अनाज, लड्डुओं या अन्य प्रसाद से तुलादान करते हैं।

भस्म आरती में बाबा महाकाल को रजत आभूषण के साथ भांग-चंदन अर्पित

उज्जैन के विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में सोमवार तड़के चार बजे भस्म आरती के दौरान मंदिर के पट खुले। पंडे-पुजारियों ने गर्भगृह में स्थापित सभी देव प्रतिमाओं का पूजन कर भगवान महाकाल का जलाभिषेक किया। इसके बाद दूध, दही, घी, शक्कर और फलों के रस से बने पंचामृत से पूजन-अभिषेक किया गया।

गणेश चतुर्थी के अवसर पर भगवान महाकाल का विशेष श्रृंगार किया गया। बाबा को रजत आभूषण धारण कराकर भांग, चंदन और त्रिपुंड अर्पित किया गया, जिसके बाद भगवान गणेश के स्वरूप में श्रृंगार किया गया।

प्रथम घंटाल बजाकर भगवान का ध्यान और मंत्रोच्चार किया गया। हरिओम का जल अर्पित करने के बाद कपूर आरती हुई। श्रृंगार पूरा होने पर ज्योतिर्लिंग को वस्त्र से ढंककर भस्म अर्पित की गई। इसके बाद भगवान महाकाल को शेषनाग का रजत मुकुट, रजत मुंडमाला, रुद्राक्ष की माला और सुगंधित पुष्पों की माला धारण कराई गई। मोगरे और गुलाब के फूलों से बाबा का विशेष श्रृंगार किया गया।

भगवान महाकाल को फल और मिष्ठान का भोग लगाया गया। भस्म आरती में बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे और बाबा महाकाल के दर्शन कर आशीर्वाद लिया। महा निर्वाणी अखाड़े की ओर से भगवान महाकाल को भस्म अर्पित की गई। मान्यता है कि भस्म अर्पण के बाद भगवान महाकाल निराकार से साकार स्वरूप में दर्शन देते हैं।

ईको-फ्रेंडली मूर्तियों की बढ़ी मांग
पर्यावरण के प्रति जागरूकता के चलते इस बार बाजारों में मिट्टी और प्राकृतिक रंगों से बनी ईको-फ्रेंडली मूर्तियों का क्रेज सबसे ज्यादा देखने को मिल रहा है। मूर्तिकारों ने पौधे वाले गणेश (प्लांट गणेश) भी तैयार किए हैं, जिनमें बीज मिलाए गए हैं ताकि विसर्जन के बाद गमले में पौधा उग सके। श्रद्धालुओं का कहना है कि वे पर्यावरण को नुकसान पहुंचाए बिना बप्पा की भक्ति करना चाहते हैं।

गणेशोत्सव में वृंदावन के किशोरी शरण बांधेंगे समां
शहर स्थित अग्रवाल धर्मशाला में मराठा एसोसिएशन एवं श्री गणेश मराठा मंडल के तत्वावधान में भव्य श्री गणेश महोत्सव का शुभारंभ आज से हो रहा है। अपनी भव्यता और वैदिक परंपराओं के लिए प्रसिद्ध इस उत्सव में प्रात: 11 बजे श्री गणेश मूर्ति की स्थापना की जाएगी तथा रात्रि 11:30 बजे महाआरती संपन्न होगी। कार्यक्रम का विशेष आकर्षण वृंदावन से पधार रहे सुप्रसिद्ध भजन गायक किशोरी शरण होंगे, जो अपनी सुमधुर भजनों से समां बांधेंगे। मंडल के अध्यक्ष श्रितोष पाटील, उपाध्यक्ष कार्तिक मराठा, महामंत्री सूरज मराठा और कोषाध्यक्ष सुमित मराठा ने बताया कि बप्पा के भव्य श्रृंगार, दर्शन व सेवा कार्य को लेकर सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। इस अवसर पर प्रणय मराठा, रितिक, श्रेयश, किशोर, अरविंद, संतोष, संजय, तानाजी, सुरेश, अण्णा, राजकुमार, दिनकर राव, नथुलाल, नंदकुमार, किशन, सोमनाथ, देवांग गुप्ता, सुमित अग्रवाल और कमल शर्मा सहित समस्त मराठा मंडल के सदस्य व्यवस्थाओं को अंतिम रूप देने में जुटे हैं।

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