चंडीगढ़
शहर को वर्ष 2030 तक मॉडल सोलर सिटी बनाने की दिशा में प्रशासन ने निजी घरों की छतों पर सौर ऊर्जा संयंत्र लगाने का अभियान तेज कर दिया है।चंडीगढ़ रिन्यूएबल एनर्जी, साइंस एंड टेक्नोलाजी प्रमोशन सोसायटी (क्रेस्ट) ने मार्च 2027 तक शहर के आठ हजार निजी घरों की छतों पर सोलर प्लांट लगाने का लक्ष्य तय किया है।
अभी तक प्रधानमंत्री सूर्य घर-मुफ्त बिजली योजना के तहत 1433 निजी घरों पर सोलर प्लांट लगाए जा चुके हैं, जबकि करीब दो हजार लोगों ने अपने स्तर पर संयंत्र स्थापित किए हैं।
लक्ष्य हासिल करने के लिए क्रेस्ट की ओर से शहरभर में जागरूकता शिविर लगाए जा रहे हैं। इनमें लोगों को आवेदन प्रक्रिया, सब्सिडी, बैंक ऋण और सोलर प्लांट लगाने की तकनीकी जानकारी दी जा रही है।
12 सूचीबद्ध विक्रेता लोगों को संयंत्र की क्षमता और स्थापना संबंधी जानकारी दे रहे हैं। पंजाब एंड सिंध बैंक तथा पंजाब नेशनल बैंक के प्रतिनिधि ऋण संबंधी सवालों का जवाब दे रहे हैं।
सरकारी भवनों पर पहले ही पूरा हुआ लक्ष्य
चंडीगढ़ देश के उन शुरुआती शहरों में शामिल है, जहां सभी पात्र सरकारी भवनों और मकानों पर सोलर प्लांट लगाने का लक्ष्य पूरा किया जा चुका है। शहर के 6366 सरकारी भवनों पर सौर संयंत्र लगाए गए हैं।
करीब 1400 सरकारी मकानों में बिजली खपत नेट-जीरो स्तर तक पहुंच गई है। इन संयंत्रों की कुल क्षमता 18.1 मेगावाट पीक है और इनसे सालाना करीब 2.35 करोड़ यूनिट बिजली उत्पादन होने की उम्मीद है।
प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना के तहत अब तक 148 लाभार्थियों के बिजली बिल शून्य हो चुके हैं। योजना में तीन किलोवाट तक के घरेलू सोलर प्लांट के लिए केंद्र सरकार की ओर से अधिकतम 78 हजार रुपये की सब्सिडी दी जाती है। पात्र लोगों को छह प्रतिशत तक की ब्याज दर पर ऋण की सुविधा भी उपलब्ध है।
97 नगर निगम भवनों पर लगेगा सोलर प्लांट
क्रेस्ट ने चंडीगढ़ हाउसिंग बोर्ड से रेंट-ए-रूफ योजना के तहत छतों पर सोलर प्लांट लगाने का आग्रह किया है। वहीं नगर निगम के 97 भवनों, जिनमें सामुदायिक केंद्र भी शामिल हैं, पर सोलर प्लांट लगाने के लिए क्रेस्ट का समझौता हो चुका है।
चंडीगढ़ फ्लोटिंग सोलर ऊर्जा के क्षेत्र में भी आगे बढ़ रहा है। सेक्टर-39 वाटरवर्क्स में उत्तर भारत का सबसे बड़ा 2.5 मेगावाट पीक क्षमता का फ्लोटिंग सोलर प्लांट पहले ही शुरू किया जा चुका है। अब तीन मेगावाट क्षमता का एक और फ्लोटिंग प्लांट तैयार है, जिसे जल्द शुरू किया जाएगा।
सूर्य घर योजना में क्या मिलेगा
तीन किलोवाट तक के सोलर प्लांट पर अधिकतम 78 हजार रुपये की केंद्रीय सब्सिडी।
छह प्रतिशत तक की ब्याज दर पर बैंक ऋण की सुविधा।
क्रेस्ट की ओर से विक्रेता चयन और तकनीकी सहायता।
सब्सिडी सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में।
शिकायतों के समाधान के लिए एकल खिड़की व्यवस्था।
आवेदन के लिए प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना के पोर्टल का इस्तेमाल किया जा सकता है।
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