17 सितंबर से प्रदेशभर में चलेगा सेवा अभियान

छत्तीसगढ़ रायपुर

रायपुर

तेलीबांधा मरीन ड्राइव की सड़क किनारे मिट्टी के दीये बेच रही मीरा के लिए मंगलवार का दिन आम दिनों से बिल्कुल अलग था. वह रोज की तरह अपने छोटे से पसरे पर दीये सजाकर ग्राहकों का इंतजार कर रही थी. तभी अचानक मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का काफिला उसके पसरे के पास आकर रुका. मुख्यमंत्री खुद उसके पास पहुंचे, मिट्टी के दीयों को देखा और मीरा से बातचीत की.

सीएम ने इस दौरान सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत आयोजित होने वाले आशीर्वाद का दीया कार्यक्रम के लिए मीरा से एक मिट्टी का दीया खरीदा और उसे एक हजार रुपए दिए. मुख्यमंत्री का यह सहज अंदाज सिर्फ एक दीये की खरीद तक सीमित नहीं रहा, बल्कि मेहनत से अपना परिवार चलाने वाली मीरा के श्रम, स्वाभिमान और स्वावलंबन के सम्मान का भावपूर्ण संदेश भी दे गया.

सीएम ने अचानक रुकवाया अपना काफिला

मुख्यमंत्री साय का सड़क किनारे लगे छोटे से पसरे पर अचानक पहुंचना आसपास मौजूद लोगों के लिए भी सुखद आश्चर्य का पल बन गया. बिना किसी औपचारिकता के मुख्यमंत्री ने मीरा से उसके कामकाज और परिवार का हालचाल जाना. मिट्टी के दीयों के बीच हुई यह छोटी-सी मुलाकात उस बड़े भाव को सामने ले आई, जिसमें समाज के हर मेहनतकश व्यक्ति के श्रम और आत्मसम्मान का सम्मान शामिल है. मुख्यमंत्री का सहज व्यवहार लोगों के बीच चर्चा का विषय बना और मीरा के लिए यह मुलाकात जीवन की यादगार घटनाओं में शामिल हो गया.

बातचीत के दौरान मुख्यमंत्री साय ने मीरा से पूछा कि उसे केंद्र और राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ मिल रहा है या नहीं. मीरा ने बताया कि प्रधानमंत्री जनधन योजना के तहत उसका बैंक खाता खुल चुका है. उसने मुख्यमंत्री को यह भी बताया कि उसे राज्य सरकार की महतारी वंदन योजना के अंतर्गत हर महीने 1 हजार की राशि प्राप्त हो रही है. मुख्यमंत्री ने कहा, सरकार की योजनाएं तभी सार्थक होती हैं, जब उनका लाभ जरूरतमंद व्यक्ति तक सीधे पहुंचे, उसे आर्थिक संबल मिले और उसके जीवन को बेहतर बनाने में सहायता हो. शासन की प्राथमिकता है कि जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों तक पूरी सहजता और पारदर्शिता के साथ पहुंचे.

जनधन से जुड़ा बैंक खाता, महतारी वंदन से मिला आर्थिक संबल

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में प्रधानमंत्री जनधन योजना ने गरीब, वंचित और जरूरतमंद परिवारों को बैंकिंग व्यवस्था से जोड़कर आर्थिक समावेशन का मजबूत आधार तैयार किया है. बैंकिंग व्यवस्था से जुड़ने के कारण आज विभिन्न योजनाओं की राशि सीधे हितग्राहियों के खातों तक पहुंच रही है. उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में महतारी वंदन योजना के माध्यम से प्रदेश की माताओं और बहनों को प्रतिमाह 1 हजार रुपए की आर्थिक सहायता प्रदान की जा रही है. यह राशि उनके छोटे-बड़े दैनिक खर्चों में सहयोग देने के साथ-साथ महिलाओं में आर्थिक आत्मविश्वास बढ़ाने में भी मददगार है.

सीएम ने मीरा के काम की तारीफ की

मुख्यमंत्री ने कहा कि सड़क किनारे पसरा लगाने वाले छोटे विक्रेता हों, कुम्हार हों, शिल्पकार हों अथवा स्थानीय उत्पाद तैयार करने वाली हमारी माताएं और बहनें हों, सभी के परिश्रम में आत्मनिर्भर छत्तीसगढ़ की शक्ति निहित है. अपने हुनर और मेहनत से आजीविका अर्जित करने वाले लोगों को प्रोत्साहित करना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है. सीएम ने कहा कि स्थानीय उत्पादों को अपनाना केवल किसी वस्तु की खरीद नहीं है. उसके पीछे किसी परिवार का श्रम, किसी कारीगर का हुनर और किसी छोटे व्यवसायी के आत्मसम्मान से जुड़ी आजीविका होती है. जब हम स्थानीय विक्रेताओं और कारीगरों से सामान खरीदते हैं, तो हमारा छोटा-सा प्रयास उनके परिवार और उनकी आजीविका को संबल देने का माध्यम बन जाता है.

मीरा के हाथों का दीया अब बनेगा ‘आशीर्वाद का दीया’

मीरा के पसरे से मुख्यमंत्री साय द्वारा खरीदा गया मिट्टी का दीया अब एक विशेष अभियान का हिस्सा बनेगा. यह दीया ‘सेवा संकल्प अभियान’ के अंतर्गत आयोजित होने वाले आशीर्वाद का दीया कार्यक्रम में शामिल किया जाएगा. कार्यक्रम के माध्यम से सेवा, जनकल्याण और विकास के प्रति सामूहिक संकल्प को जनभागीदारी से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है.

सीएम साय ने कहा कि हमारी संस्कृति में दीया केवल प्रकाश का माध्यम नहीं, बल्कि आशा और सकारात्मक संकल्प का प्रतीक है. मिट्टी का एक छोटा-सा दीया जब जलता है तो अपने आसपास के अंधकार को दूर करता है. उसी तरह समाज का प्रत्येक व्यक्ति जब सेवा का एक छोटा-सा संकल्प लेकर आगे बढ़ता है, तो सामूहिक प्रयास से बड़े और सकारात्मक परिवर्तन का मार्ग प्रशस्त होता है.

'एक दीया, जो सेवा और जनभागीदारी का संदेश देगा'

मुख्यमंत्री ने कहा कि आशीर्वाद का दीया सेवा और विकास के प्रति हमारे संकल्प तथा जनभागीदारी के सामर्थ्य का प्रतीक है. प्रदेश के नागरिक जब इस भावना से जुड़ेंगे, तो सेवा का यह संकल्प घर-घर और जन-जन तक पहुंचेगा. मीरा के छोटे से पसरे से खरीदा गया यह दीया इसलिए भी खास है, क्योंकि इसमें एक साथ कई भाव जुड़े हैं. सीएम ने कहा, इस दीये में एक मेहनतकश महिला के श्रम का सम्मान, स्थानीय उत्पाद को प्रोत्साहन, जनकल्याणकारी योजनाओं की जमीनी पहुंच और समाज को सेवा के लिए प्रेरित करने का संकल्प जुड़ा है.

17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक चलेगा सेवा संकल्प अभियान

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष राष्ट्र और जनसेवा को समर्पित किए हैं. प्रधानमंत्री के जन्मदिवस 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक सेवा संकल्प अभियान आयोजित किया जा रहा है. यह अभियान सेवा, सुशासन, गरीब कल्याण और विकास के प्रति प्रतिबद्धता को जनभागीदारी के माध्यम से और मजबूत करने का अवसर है. मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से इस अभियान से पूरे उत्साह और आत्मीयता के साथ जुड़ने का आह्वान किया. उन्होंने लोगों से अपने गांव, शहर और आसपास स्वच्छता के कार्यों में सहभागी बनने, पर्यावरण संरक्षण के लिए आगे आने, जरूरतमंदों की सहायता करने और अपनी क्षमता के अनुरूप जनसेवा का कोई न कोई संकल्प लेने की अपील की.

'सेवा के लिए बड़ा काम नहीं, छोटी-सी पहल भी काफी'

मुख्यमंत्री ने कहा कि सेवा का कोई कार्य छोटा नहीं होता, किसी जरूरतमंद की सहायता करना, अपने आसपास स्वच्छता रखना, एक पौधा लगाकर उसकी देखभाल करना, स्थानीय कारीगर से कोई वस्तु खरीदना जनसेवा का महत्वपूर्ण माध्यम बन सकता है.

What do you feel about this post?

0%
like

Like

0%
love

Love

0%
happy

Happy

0%
haha

Haha

0%
sad

Sad

0%
angry

Angry