पटना
बिहार के एक विधायक की चर्चा अब पटना से लेकर मॉस्को तक हो रही है. मधुबनी के राजनगर से बीजेपी विधायक सुजीत पासवान को रूस से खास बुलावा आया है. वह रूस के संसदीय चुनाव में सिर्फ मेहमान बनकर नहीं जाएंगे, बल्कि अंतरराष्ट्रीय चुनाव पर्यवेक्षक की भूमिका में नजर आएंगे. 18 से 20 सितंबर तक मॉस्को में रहकर वह रूस की संसद यानी स्टेट डूमा के चुनाव की प्रक्रिया को करीब से देखेंगे.
सुजीत पासवान को रूस की Civic Chamber of the Russian Federation की ओर से आमंत्रित किया गया है. उनके साथ दूसरे देशों से पहुंचे पर्यवेक्षक और सिविल सोसाइटी से जुड़े प्रतिनिधि भी चुनावी प्रक्रिया का अवलोकन करेंगे. ऐसे में सवाल उठता है कि आखिर सुजीत पासवान कौन हैं? उनका राजनीतिक सफर कैसा रहा है और रूस में उन्हें क्या जिम्मेदारी दी गई है?
राजनगर से विधानसभा तक पहुंचने का सफर
सुजीत पासवान मधुबनी जिले की राजनगर विधानसभा सीट से बीजेपी विधायक हैं. 2025 के बिहार विधानसभा चुनाव में बीजेपी ने उन्हें इस सीट से उम्मीदवार बनाया था. चुनाव में जीत के बाद वह पहली बार विधानसभा पहुंचे.
राजनगर मिथिलांचल की महत्वपूर्ण विधानसभा सीटों में शामिल है. विधायक बनने के बाद सुजीत पासवान की राजनीतिक पहचान सिर्फ क्षेत्रीय राजनीति तक सीमित नहीं रही. वह बिहार बीजेपी के अनुसूचित जाति मोर्चा के प्रदेश
अध्यक्ष की जिम्मेदारी भी संभाल रहे हैं.
यानी एक तरफ वह विधानसभा में राजनगर का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं. दूसरी तरफ पार्टी संगठन में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं.
छात्र राजनीति से शुरू हुआ राजनीतिक सफर
सुजीत पासवान का राजनीतिक सफर सीधे विधानसभा से शुरू नहीं हुआ. उनकी सक्रियता छात्र राजनीति से जुड़ी रही है.
मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, वह 2010 में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद से जुड़े थे. संगठन में रहते हुए उन्होंने अलग-अलग जिम्मेदारियां संभालीं. छात्र राजनीति के दौरान संगठनात्मक गतिविधियों में उनकी सक्रियता बढ़ती गई.
इसके बाद उनका जुड़ाव बीजेपी से मजबूत हुआ. 2020 में बीजेपी के सक्रिय सदस्य बनने के बाद उन्होंने पार्टी के युवा संगठन में भी जिम्मेदारी संभाली. आगे चलकर उन्हें बीजेपी युवा मोर्चा के प्रदेश उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी मिली.
इस तरह छात्र संगठन से शुरू हुआ सफर धीरे-धीरे पार्टी संगठन तक पहुंचा और फिर 2025 में वह विधानसभा के सदस्य बने.
बीजेपी अनुसूचित जाति मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष भी
सुजीत पासवान की मौजूदा राजनीतिक भूमिका दो स्तरों पर है. वह राजनगर से बीजेपी विधायक हैं. साथ ही बिहार बीजेपी के अनुसूचित जाति मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष भी हैं.
इस जिम्मेदारी के तहत पार्टी के अनुसूचित जाति वर्ग से जुड़े संगठनात्मक कामों में भी उनकी भूमिका रहती है. इसके अलावा वह ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय, दरभंगा के सिंडिकेट सदस्य भी हैं.
यानी उनकी सक्रियता राजनीति, संगठन और विश्वविद्यालय प्रशासन से जुड़े दायित्वों तक फैली हुई है.
रूस में क्या करेंगे सुजीत पासवान?
अब सबसे अहम सवाल यही है कि रूस में सुजीत पासवान की भूमिका क्या होगी?
दरअसल, वह रूस में किसी चुनाव में उम्मीदवार बनकर नहीं जा रहे हैं. न ही वह किसी राजनीतिक दल के प्रतिनिधि के तौर पर वहां पहुंचेंगे. उन्हें अंतरराष्ट्रीय सार्वजनिक चुनाव पर्यवेक्षक के तौर पर आमंत्रित किया गया है.
रूस में स्टेट डूमा के चुनाव 18 से 20 सितंबर 2026 के बीच होने हैं. इस दौरान सुजीत पासवान मॉस्को स्थित सिचुएशनल सेंटर में विदेशी सिविल सोसाइटी के प्रतिनिधियों और दूसरे अंतरराष्ट्रीय पर्यवेक्षकों के साथ चुनावी प्रक्रिया को देखेंगे.
उनकी भूमिका चुनावी प्रक्रिया का अवलोकन और मॉनिटरिंग करने की होगी. यानी मतदान किस तरह हो रहा है, चुनावी प्रक्रिया किस तरह संचालित की जा रही है और उससे जुड़े इंतजाम कैसे हैं, इन चीजों को वह दूसरे पर्यवेक्षकों के साथ करीब से देखेंगे.
रूस से क्यों आया खास निमंत्रण?
रूसी संघ की Civic Chamber अलग-अलग देशों के निर्वाचित प्रतिनिधियों, अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों और सिविल सोसाइटी से जुड़े प्रतिनिधियों को चुनावी प्रक्रिया के सार्वजनिक पर्यवेक्षण के लिए आमंत्रित कर रही है.
इसी क्रम में बिहार के राजनगर विधायक सुजीत पासवान को भी मॉस्को आने का निमंत्रण मिला है.
इस भूमिका का मतलब किसी उम्मीदवार या पार्टी के पक्ष में प्रचार करना नहीं है. पर्यवेक्षक के तौर पर उनकी जिम्मेदारी चुनावी प्रक्रिया को करीब से देखने की है.
यही वजह है कि राजनगर के एक मौजूदा विधायक का नाम अब रूस के संसदीय चुनाव से भी जुड़ गया है.
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