नई दिल्ली
भारतीय खिलाड़ी मंगलवार सुबह दो अलग-अलग बैच में जापान के लिए रवाना हुए। पहला दल मंगलवार सुबह और दूसरा कुछ घंटे बाद दोपहर में दिल्ली एयरपोर्ट से रवाना हुआ। बैंकाक में ठहराव के बाद पहला दल बुधवार सुबह करीब आठ बजे जापान के स्थानीय समय के अनुसार नागोया पहुंचा।
इसके करीब एक घंटे बाद वे उस क्रूज जहाज पर पहुंचे, जो नागोया में खड़ा है। 12 घंटे से अधिक की थकाऊ यात्रा के बाद खिलाड़ियों को कुछ आराम मिलने की उम्मीद थी। हालांकि, उन्हें आवास मिलने का इंतजार हर गुजरते घंटे के साथ बढ़ता गया और संबंधित अधिकारी समस्या का समाधान नहीं कर सके।
भारतीय रोइंग टीम को नहीं मिली रहने की जगह
एक भारतीय खिलाड़ी ने बताया कि हम सुबह करीब नौ बजे यहां पहुंचे थे और अब शाम के 6:30 बज चुके हैं, लेकिन हमें अभी तक वादा किया गया आवास नहीं मिला है। वह 30 सदस्यीय भारतीय रोइंग दल का हिस्सा हैं, जिसमें 17 पुरुष और पांच महिला खिलाड़ी शामिल हैं। हालांकि, बताया जा रहा है कि महिला रोइंग टीम को किसी अन्य स्थान पर ठहराया गया है।
आयोजन समिति के अनुसार, करीब 4,000 खिलाड़ियों और अधिकारियों को कोस्टा सेरेना नामक क्रूज जहाज पर ठहराया जाना है। यह जहाज करीब 3,000 मीटर लंबा है और इसमें 1,500 केबिन हैं। इसके अलावा खर्च कम करने के लिए खिलाड़ियों और अधिकारियों को लकड़ी के कंटेनर जैसे बने हट्स और सामान्य होटल के कमरों में भी ठहराने की व्यवस्था की गई है।
खिलाड़ियों को नहीं मिल रहा खाना
भारतीय खिलाड़ी ने कहा कि हमने सोमवार शाम से ठीक से नींद नहीं ली है। पहले हम पुणे स्थित आर्मी रोइंग नोड से दिल्ली के लिए निकले और फिर अगले दिन सुबह जापान की उड़ान पकड़ी। रोइंग टीम के अलावा तीन अन्य भारतीय टीमें भी आवास के बिना इसी सुविधा में फंसी हुई बताई जा रही हैं।
खिलाड़ी ने आगे कहा कि हमें अभी तक खाने के लिए भी कुछ नहीं मिला है। आयोजन समिति के सदस्यों ने सिर्फ पानी उपलब्ध कराया है। अभी तक हम घर से लाया हुआ खाना खाकर गुजारा कर रहे हैं। हम बिना खाने के कुछ समय रह सकते हैं, लेकिन हमें आराम की जरूरत है क्योंकि हमारी प्रतियोगिता 19 सितंबर से शुरू हो रही है। भारतीय रोवर्स गुरुवार सुबह से अभ्यास शुरू करने वाले हैं।
शूटिंग सहित अन्य दलों के लिए भी स्थिति खराब
रोवर्स की स्थिति अकेली नहीं है। शूटिंग सहित अन्य भारतीय टीमों और सुबह यहां पहुंचने वाले भारतीय ओलंपिक संघ के कुछ अधिकारियों को भी वैकल्पिक व्यवस्था तलाशनी पड़ी। जानकारी के मुताबिक, आयोजक अब खिलाड़ियों और अधिकारियों के लिए होटल के कमरे उपलब्ध कराने की कोशिश कर रहे हैं। इसका मतलब है कि खिलाड़ियों को एक ही गेम्स विलेज में नहीं, बल्कि अलग-अलग स्थानों पर ठहराया जा सकता है।
कमरों की कमी इसलिए भी पैदा हुई है क्योंकि आयोजकों ने एक जगह पर केंद्रीकृत गेम्स विलेज बनाने के बजाय खर्च कम करने के उद्देश्य से उसकी जगह क्रूज जहाज को चुना। अब यह देखना होगा कि खिलाड़ियों को आवास के लिए और कितनी देर इंतजार करना पड़ता है।
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