प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज 76 साल के हो गए हैं. पीएम मोदी खुद कहते हैं कि वह फिल्मों के ज्यादा शौकीन नहीं हैं लेकिन एक फिल्म ऐसी है जिसने उन पर गहरा असर डाला है. वह कुछेक मौकों पर इस फिल्म का जिक्र भी कर चुके हैं. ऐसे में हम आपको उस फिल्म से जुड़ा पीएम मोदी का एक किस्सा बताने जा रहे हैं.
पीएम मोदी को हिंदी फिल्मों के सदाबहार एक्टर देव आनंद साहब की क्लासिक फिल्म गाइड बहुत पसंद है. इस फिल्म में देव आनंद के साथ वहीदा रहमान ने काम किया है. खास बात यह है कि मोदी ने इस फिल्म को उस दौर में देखा था, जब उनकी उम्र महज 15 साल थी. बाद में उन्होंने बताया कि उस उम्र में देखी गई गाइड फिल्म ने उनके मन पर गहर असर डाला.
गाइड फिल्म 1965 में रिलीज हुई थी. इसका डायरेक्शन विजय आनंद ने किया था और इसमें देव आनंद के साथ वहीदा रहमान मुख्य भूमिका में थीं. फिल्म की कहानी आरके. नारायण के 1958 में उपन्यास द गाइड पर आधारित थी. फिल्म की कहानी दरअसल राजू नाम के एक टूरिस्ट गाइड और रोजी के इर्द-गिर्द घूमती है. रोजी एक ऐसे विवाह में बंधी है जिसमें वह खुश नहीं है और आगे चलकर राजू की जिंदगी से जुड़ती है. फिल्म में व्यक्तिगत आजादी, रिश्ते, महत्वाकांक्षा, सामाजिक नजरिया और आध्यात्मिकता जैसे कई पहलू एक साथ सामने आते हैं.
पीएम मोदी ने इस फिल्म से जुड़ी हुई जिस बात को सबसे ज्यादा याद किया. वह सिर्फ फिल्म की कहानी नहीं थी, बल्कि उसका मूल विचार था. उनके मुताबिक, गाइड का बुनियादी संदेश था कि हर व्यक्ति को मार्गदर्शन अपने अंतर्मन से ही मिलता है. वह खुद कहते हैं कि उन्होंने यह फिल्म उस समय देखी थी, जब उनकी उम्र ज्यादा नहीं थी. ऐसे में उन्होंने जब फिल्म के इस विचार को लेकर अपने दोस्तों से चर्चा की तो उस समय उनके दोस्तों ने उसे बहुत गंभीरता से नहीं लिया था.
पीएम मोदी पर गाइड का असर सिर्फ उसके दार्शनिक विचार तक सीमित नहीं था. फिल्म में गांवों में सूखे और पानी की कमी जैसे सीन का उन पर असर हुआ यानी फिल्म में ग्रामीण भारत की वास्तविक समस्या का उन पर गहर असर हुआ.
साल 2018 में लद्दाख के छात्रों का एक समूह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिलने उनके आवास पहुंचा था. बातचीत के दौरान एक छात्र ने उनसे पूछा कि वह किस तरह की फिल्में देखते हैं और उनकी पसंदीदा फिल्म कौन सी है? पीएम मोदी ने जवाब दिया कि उनके पास फिल्में देखने के लिए ज्यादा समय नहीं है लेकिन बचपन और युवावस्था में उन्होंने कुछ फिल्में देखी थीं जिनमें गाइड ने उनके मन में खास जगह बनाई.
दिलचस्प बात यह है कि गाइड अपने समय की आम हिंदी फिल्मों से अलग थी. इसमें देव आनंद का किरदार राजू शुरुआत में एक टूरिस्ट गाइड है, लेकिन परिस्थितियां उसे ऐसी जगह ले जाती हैं जहां लोग उसे आध्यात्मिक व्यक्ति के रूप में देखने लगते हैं. वहीं वहीदा रहमान की रोजी का किरदार भी उस दौर के सामाजिक ढांचे में एक महिला की अपनी इच्छा, पहचान और स्वतंत्रता की तलाश को सामने रखता है. फिल्म का यही सफर इसे केवल रोमांटिक कहानी से आगे ले जाता है.
फिल्म गाइड का गाना आज फिर जीने की तमन्ना है और तेरे मेरे सपने जैसे गाने काफी पॉपुलर हुए थे और आज भी लोगों की जुबां पर हैं. गाइड एक अंग्रेजी संस्करण भी बनाया गया था, जिसे टाड डेनियल्स्की ने निर्देशित किया था.
पीएम मोदी ने कई मौकों पर देव आनंद की काफी सराहना भी की है. 26 सितंबर 2023 को देव आनंद की 100वीं जयंती पर मोदी ने उन्हें याद करते हुए कहा कि वह एवरग्री आइकॉन थे. उनकी कहानी कहने की शैली और सिनेमा के प्रति उनका जुनून बेजोड़ था. पीएम मोदी ने यह भी कहा कि देव आनंद की फिल्मों ने सिर्फ मनोरंजन नहीं किया, बल्कि बदलते समाज और भारत की आकांक्षाओं को भी सामने रखा.
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