पेट्रोल पंपों पर UPI को लेकर नया विवाद, ऑनलाइन पेमेंट से दूरी और कैश पर जोर

देश

नई दिल्ली
 देशभर में UPI पर चार्ज के खिलाफ अब विरोध तेज होता जा रहा है। दिल्ली-NCR समेत देशभर में कई जगहों पर अब "No UPI, Only Cash" के पोस्टर लगा दिए गए हैं। दिल्ली के कई पेट्रोल और सीएनजी पंप से ऐसी तस्वीरें सामने आई हैं, जहां पर ये पोस्टर चस्पा कर दिए गए हैं। ग्राहकों से पेमेंट कैश या कार्ड में लेने की मांग की जा रही है। आपको बता दें कि पेट्रोल पंप एसोसिएशन ट्रेड यूनियन समेत कई संगठनों ने इस चार्ज का विरोध किया है और कहा है कि चार्ज लगेगा तो धीरे-धीरे सभी जगहों पर "No UPI, Only Cash" का बोर्ड लग जाएगा।

दिल्ली के व्यापारियों ने किया विरोध
दिल्ली के कश्मीरी गेट मार्केट के व्यापारियों ने यूपीआई ट्रांजेक्शन पर चार्ज लगाने के सरकार के फैसले का विरोध करने के लिए अपनी दुकानों पर 'नो यूपीआई' के पोस्टर लगाए हैं। व्यापारियों का ये विरोध प्रदर्शन गुरुवार को चैंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री (सीटीआई) के अध्यक्ष बृजेश गोयल के नेतृत्व में हुआ। पेट्रोल पंप एसोसिएशन ने क्लियर कर दिया है कि इस चार्ज से ग्राहकों की ही परेशानी बढ़ेगी। क्योंकि पहले से ही काफी कम मार्जिन मिलता है। एक और बोझ पेट्रोप पंप मालिक नहीं संभाल पाएंगे और यूपीआई का ट्रांजेक्शन कम करना पड़ जाएगा।

होलसेल कारोबारी भी खिलाफ
दिल्ली के होलसेल मार्केट के कारोबारी भी यूपीआई ट्रांजेक्शन पर चार्ज के खिलाफ हैं। दुकानदारों ने 'नो यूपीआई' के पोस्टर लगा दिए हैं। नए चार्ज के खिलाफ प्रोटेस्ट किया गया है। चैंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री के अध्यक्ष ने कहा कि ये फैसला डिजिटल इंडिया की मुहिम को बड़ा झटका साबित हो सकता है। ग्रेटर नोएडा के एक सीएनजी पंप से भी नो यूपीआई ओनली कैश के पोस्टर लगा वीडियो सामने आया है। जहां यूपीआई से पेमेंट लेने पर पेट्रोल पंप की ओर मना करते हुए सिर्फ कैश देने की अपील की गई। व्यापारियों ने कहा कि सरकार को चार्ज लगाने के बजाय UPI ट्रांजैक्शन के लिए सब्सिडी देनी चाहिए और चेतावनी दी कि अगर प्रस्तावित MDR लागू किया गया तो वे आंदोलन करेंगे। 

त्तराखंड में भी व्यापारियों का विरोध
दून उद्योग व्यापार मंडल और अन्य स्थानीय व्यापारी संगठनों ने कहा कि व्यापारी पहले से ही इनकम टैक्स और GST दे रहे हैं और UPI ट्रांजैक्शन पर अतिरिक्त लागत उठाने को तैयार नहीं होंगे। पलटन बाजार व्यापार मंडल के अध्यक्ष पारस गुप्ता ने कहा कि व्यापारियों ने सरकार के डिजिटल ट्रांजैक्शन और पारदर्शिता को बढ़ावा देने के बाद UPI पेमेंट अपनाना शुरू किया था। उन्होंने कहा, "जैसा कि सरकार शुरू से कहती आ रही है, हम पारदर्शिता लाने के लिए UPI पेमेंट स्वीकार करेंगे, ऑनलाइन काम करेंगे और ऑनलाइन पेमेंट लेंगे। लेकिन इसके बावजूद, अगर टैक्स सिर्फ हम कारोबारियों पर लगाया जाएगा और इसका नुकसान कारोबारियों को ही उठाना पड़ेगा। मैं इसका कड़ा विरोध करता हूं।"

UPI ट्रांजैक्शन पर लगेगा चार्ज
बता दें कि जगह-जगह से ये प्रतिक्रियाएं तब आई हैं, जब नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) ने मंगलवार को एक नया मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) फ्रेमवर्क पेश किया, जिसके तहत 2,000 रुपये से ज़्यादा के UPI मर्चेंट ट्रांजैक्शन पर 0.4 प्रतिशत का MDR लगेगा, जबकि ग्राहक UPI का इस्तेमाल करके मुफ़्त में ट्रांजैक्शन करते रहेंगे। संशोधित UPI MDR फ्रेमवर्क 15 अक्टूबर, 2026 से लागू होगा और यह केवल चुनिंदा मर्चेंट ट्रांजैक्शन पर लागू होगा। नए फ्रेमवर्क के तहत, 2,000 रुपये से ज़्यादा के पर्सन-टू-मर्चेंट (P2M) UPI ट्रांजैक्शन पर 0.4 प्रतिशत का MDR लगेगा, जिसमें प्रति ट्रांजैक्शन MDR की अधिकतम सीमा 300 रुपये होगी। 

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