भारत दौरे पर आ सकते हैं बालेन शाह, दिल्ली में व्यापार-निवेश और रोजगार पर होगी चर्चा

देश

नई दिल्ली
नेपाल के प्रधानमंत्री बालेन शाह के भारत दौरे को लेकर बड़ा अपडेट सामने आया है। माना जा रहा कि इस साल के आखिर तक बालेन शाह दिल्ली की अपनी पहली यात्रा कर सकते हैं। इस दौरान आपसी रिश्तों को और मजबूती देने के साथ साझेदारी के नए रास्ते खुलेंगे। नेपाल के वित्त मंत्री स्वर्णिम वागले ने भारत दौरे पर ये बात कही है। दिल्ली दौरे पर उन्होंने भारत और नेपाल के बीच इंडस्ट्री-टू-इंडस्ट्री सहयोग और बालेन शाह सरकार के रोजगार सृजन और उद्योग पर फोकस के बारे में भी बात की।

बालेन शाह इसी साल आ सकते हैं भारत
पिछले साल नेपाल में बड़े पैमाने पर हुए छात्र विरोध प्रदर्शनों के बाद पिछली सरकार गिर गई थी। इसके बाद 2026 की शुरुआत में संसदीय चुनाव जीतकर बालेन शाह नेपाल के प्रधानमंत्री बने। उन्होंने पहले ऐलान किया था कि वे प्रधानमंत्री के तौर पर विदेश यात्रा 2027 से ही शुरू करेंगे। हालांकि, मामले की जानकारी रखने वाले लोगों ने हमारे सहयोगी अखबार ईटी को बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निमंत्रण के बाद बालेन शाह नवंबर में नई दिल्ली आ सकते हैं।

नेपाल के वित्त मंत्री ने दिल्ली दौरे पर दी जानकारी
नेपाल के वित्त मंत्री के तौर पर अपनी पहली भारत यात्रा पर आए स्वर्णिम वागले ने प्रधानमंत्री बालेन शाह के कार्यक्रम को लेकर अहम अपडेट दिया। स्वर्णिम वागले, दिल्ली स्थित RIS में विशेषज्ञों और थिंक-टैंक के सदस्यों के एक चुनिंदा समूह से बात कर रहे थे। मंत्री ने भारत और नेपाल के बीच इंडस्ट्री-टू-इंडस्ट्री सहयोग और शाह सरकार के रोजगार सृजन और उद्योग पर फोकस के बारे में भी बात की। खास बात यह है कि भारत से नेपाल में निजी निवेश की पिछली लहर लगभग 25 साल पहले आई थी। काठमांडू अब निवेश का एक नया दौर चाहता है।

द्विपक्षीय व्यापार और ट्रांजिट संधि पर फोकस
नेपाल द्विपक्षीय व्यापार और ट्रांजिट संधि को आधुनिक बनाने का भी इच्छुक है। ट्रांजिट संधि में 1 जून, 2023 को सात साल की अवधि के लिए संशोधन किया गया था। इसके बाद पिछले नवंबर में रेल-आधारित माल ढुलाई और बल्क कार्गो कनेक्टिविटी का विस्तार करने के लिए एक अतिरिक्त लेटर ऑफ एक्सचेंज पर सहमति बनी थी। वागले ने कहा कि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और विदेश मंत्री एस. जयशंकर के साथ उनकी बैठकों में अगस्त में आई विनाशकारी अचानक बाढ़ के बाद नेपाल में पुनर्निर्माण कार्यों और भारत से संभावित मदद पर भी फोकस किया गया।

वागले के भारत दौरे पर क्या कह रहे एक्सपर्ट
नेपाल मामलों के जानकारों का कहना है कि वागले ने अपनी पहली अंतरराष्ट्रीय यात्रा के लिए भारत को इसलिए चुना क्योंकि दोनों देशों के बीच करीबी द्विपक्षीय संबंध हैं। हाल ही में आई आपदा के बाद बचाव और राहत कार्यों में नई दिल्ली ने तेजी से मदद की थी। इससे पहले पिछले कुछ महीनों में नेपाल के विदेश मंत्री और सत्तारूढ़ पार्टी के अध्यक्ष ने भारत का दौरा किया था। इस बीच, भारत ने शनिवार को हिमालयी देश को आपदा से उबरने के प्रयासों में मदद के लिए 11 टन और राहत सामग्री भेजी।

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