रायपुर
सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत जिले के विकासखंड स्तर पर आयोजित दो दिवसीय ‘मेरे सपनों का भारत’ विषयक चित्रकला एवं भाषण प्रतियोगिता में स्कूली विद्यार्थियों का अभूतपूर्व उत्साह देखने को मिला। 1,483 विद्यालयों के लगभग 97,754 विद्यार्थियों ने अपनी रचनात्मक कला और ओजस्वी विचारों के माध्यम से एक शिक्षित, आत्मनिर्भर, हरित और तकनीकी रूप से सक्षम भारत का खाका प्रस्तुत किया।
प्रतियोगिता का मुख्य उद्देश्य बच्चों में राष्ट्र निर्माण, सामाजिक उत्तरदायित्व, नेतृत्व क्षमता और रचनात्मक सोच को बढ़ावा देना रहा। अभियान की मूल भावना 'सेवा, सहभागिता और सर्वांगीण विकास' को केंद्र में रखते हुए आयोजित इस कार्यक्रम ने जिले में जनभागीदारी का एक नया कीर्तिमान स्थापित किया।
60 हजार से अधिक बच्चों ने चित्रों से दिए सामाजिक संदेश
चित्रकला प्रतियोगिता में 1,483 विद्यालयों के 60,608 विद्यार्थियों ने हिस्सा लिया। कैनवास और कागजों पर रंगों के जरिए बच्चों ने केवल कला का प्रदर्शन नहीं किया, बल्कि आधुनिक शिक्षा, हरित व स्वच्छ पर्यावरण, डिजिटल तकनीक, उन्नत कृषि, महिला सशक्तिकरण और बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं की अपनी परिकल्पना को जीवंत कर दिया। चित्रों में औद्योगिक प्रगति के साथ-साथ प्रकृति के संरक्षण और मानवीय संवेदनाओं का सुंदर संतुलन दिखाई दिया।
ओजस्वी भाषणों में झलकी राष्ट्र निर्माण की प्रतिबद्धता
इसी क्रम में भाषण प्रतियोगिता में 37,146 विद्यार्थियों ने भाग लेकर अपने विचारों को तार्किक एवं प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया। विद्यार्थियों ने राष्ट्र निर्माण में युवाओं की भूमिका, नागरिक कर्तव्यों, विज्ञान व तकनीक के उपयोग और सामाजिक समरसता जैसे गंभीर विषयों पर विचार व्यक्त किए। विद्यार्थियों का मानना था कि देश का स्वर्णिम भविष्य केवल सरकारी योजनाओं से नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक के सक्रिय योगदान और संकल्पों से निर्मित होता है।
भविष्य की नींव और सशक्त भावी पीढ़ी
सेवा संकल्प अभियान से विद्यार्थियों का यह जुड़ाव आने वाले समय के सशक्त भारत की दिशा तय करता है। धमतरी जिले के हजारों बच्चों की यह सक्रिय भागीदारी यह स्पष्ट संदेश देती है कि भारत का उज्ज्वल भविष्य बड़े सपनों के साथ-साथ उन्हें पूरा करने के लिए आज लिए गए छोटे-छोटे संकल्पों से साकार होगा
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