बिहार में औषधीय खेती को बढ़ावा, किसानों को मिलेंगे नए विकल्प और आर्थिक मदद

राज्य

पटना
 सरकार एकीकृत बागवानी विकास मिशन (एमआइडीएच)’ के किसानों को औषधीय पौधों की खेती के लिए प्रोत्साहित करेगी। इसके तहत राज्य में 100 हेक्टेयर में एलोवेरा, अश्वगंधा, ब्राह्मी एवं शतावरी की खेती को बढ़ावा दिया जाएगा।

कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने बताया कि बिहार में कृषि को विविध और किसानों के लिए लाभकारी बनाने की दिशा में सरकार लगातार कार्य कर रही है।

औषधीय पौधों की खेती किसानों के लिए पारंपरिक फसलों के अतिरिक्त विकल्प उपलब्ध करा सकती है। इसी उद्देश्य से चयनित क्षेत्रों में औषधीय पौधों की खेती को क्लस्टर में बढ़ावा देने की पहल होगी।

किसानों को मिलेंगे 36000 रुपये
इसके लिए 36.00 लाख रुपये की वित्तीय राशि का प्रविधान किया गया है। योजना के अंतर्गत किसानों को 36,000 रुपये प्रति हेक्टेयर का अनुदान उपलब्ध कराया जाएगा।

एलोवेरा, अश्वगंधा एवं ब्राह्मी की खेती के लिए पांच हेक्टेयर प्रति राजस्व ग्राम/क्लस्टर तथा शतावरी की खेती के लिए चार हेक्टेयर प्रति राजस्व ग्राम/क्लस्टर क्षेत्र चिह्नित किया जाएगा।

किसानों को तकनीकी मार्गदर्शन, उत्पादन संबंधी जानकारी और विपणन गतिविधियों को व्यवस्थित रूप से आगे बढ़ाने में भी मदद मिलेगी।

औषधीय पौधों की खेती को बढ़ावा देना किसानों को खेती के नए विकल्प उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। राज्य में इस क्षेत्र की संभावनाओं को देखते हुए चयनित क्षेत्रों में योजनाबद्ध तरीके से इसका विस्तार किया जाएगा।

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