भोपाल
पत्र सूचना कार्यालय, भोपाल के नेतृत्व में जम्मू पहुंचे पत्रकारों के दल ने जम्मू क्षेत्र में चल रही सड़क परियोजनाओं की भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के अधिकारियों से ली जानकारी, देश की सबसे लंबी सुरंग डॉक्टर श्यामा प्रसाद मुखर्जी टनल का किया अवलोकन
जम्मू (21.09.2026) पत्र सूचना कार्यालय, भोपाल के नेतृत्व में जम्मू दौरे पर पहुंचे पत्रकारों के एक प्रतिनिधिमंडल ने आज जम्मू में नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ़ इंडिया (भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण) के क्षेत्रीय कार्यालय का दौरा किया और डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी टनल का अवलोकन किया। इस प्रतिनिधिमंडल में भोपाल स्थित मीडिया संगठनों के वरिष्ठ प्रतिनिधि शामिल हैं। इस मुलाकात के दौरान भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के प्रोजेक्ट डायरेक्टर राजीव कुमार ने प्रतिनिधिमंडल को जम्मू-कश्मीर में चल रहे राजमार्गों और टनल प्रोजेक्ट्स के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने नेशनल हाईवे-44 (NH-44) को कनेक्टिविटी का एक अहम कॉरिडोर बताया और कहा कि इस हाईवे को फोर-लेन बनाने का काम लगभग पूरा हो चुका है, बस करीब 15 किलोमीटर का हिस्सा ही फोर-लेन होना बाकी है।
प्रतिनिधिमंडल को दिल्ली-कटरा एक्सप्रेसवे और नेशनल कैपिटल रीजन, जम्मू और कटरा के बीच कनेक्टिविटी को मज़बूत करने में इसकी भूमिका के बारे में जानकारी दी गई। अधिकारियों ने मीडिया प्रतिनिधियों को हाईवे कॉरिडोर पर सुरंगों के इस्तेमाल के बारे में भी बताया, जिससे श्रीनगर तक की सड़क दूरी लगभग 45 किलोमीटर कम हो गई है और यात्रा के समय में एक घंटे से ज़्यादा की बचत होती है।आने वाले समय में अलग-अलग हाईवे प्रोजेक्ट्स पर छह सुरंगों के पूरा होने की उम्मीद है, जिससे इस इलाके में हर मौसम में कनेक्टिविटी और बेहतर होगी।
अधिकारियों ने प्रतिनिधिमंडल को यह भी बताया कि ज़ोजिला टनल के दिसंबर 2027 तक चालू होने की उम्मीद है। इस प्रोजेक्ट का मकसद कश्मीर घाटी और लद्दाख के बीच बेहतर और ज़्यादा भरोसेमंद कनेक्टिविटी देना है। प्रस्तावित कटरा-कुलगाम रोड प्रोजेक्ट के लिए अभी डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR) तैयार की जा रही है। बनने के बाद, इस कॉरिडोर से जम्मू की तरफ़ से कश्मीर घाटी के लिए सबसे छोटा सड़क संपर्क मिलने की उम्मीद है।
प्राधिकरण के अधिकारियों द्वारा मीडिया प्रतिनिधिमंडल को जम्मू-कश्मीर में NHAI परियोजनाओं की कुल प्रगति के बारे में भी जानकारी दी गई। कुल 382 किलोमीटर लंबाई वाले 22 परियोजनाएं ₹14,819 करोड़ की लागत से पूरे की जा चुकी है जबकि 320 किलोमीटर लंबाई वाले 16 प्रोजेक्ट्स पर ₹22,277 करोड़ की अनुमानित लागत से काम चल रहा है।
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