यूपीआईटीएस-2026 में दिखेगा योगी सरकार के ‘बिजनेस-रेडी’ यूपी का दम

उत्तर प्रदेश राज्य

लखनऊ

योगी सरकार उत्तर प्रदेश को देश के प्रमुख निवेश और औद्योगिक केंद्र के रूप में स्थापित करने के अपने प्रयासों को अब वैश्विक मंच पर और मजबूती देने जा रही है। ग्रेटर नोएडा के इंडिया एक्सपो सेंटर एंड मार्ट में 25 से 29 सितंबर तक आयोजित होने वाले चौथे उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो (यूपीआईटीएस)-2026 में प्रदेश के ‘बिजनेस-रेडी’ इकोसिस्टम, निवेश-अनुकूल नीतियों और ईज ऑफ डूइंग बिजनेस में हुए सुधारों को दुनिया के सामने प्रस्तुत किया जाएगा।

पांच दिवसीय आयोजन में इन्वेस्ट यूपी की ओर से हॉल-1 और हॉल-4 में दो समर्पित पवेलियन स्थापित किए जा रहे हैं। ये पवेलियन देश-विदेश से आने वाले निवेशकों, उद्यमियों और कारोबारी प्रतिनिधियों के लिए प्रदेश में निवेश और व्यापार के अवसरों को समझने तथा सीधे संपर्क का प्रमुख केंद्र होंगे। यहां उत्तर प्रदेश की 36 से अधिक क्षेत्र-विशिष्ट नीतियों, नीतिगत प्रोत्साहनों और एकीकृत निवेश सुविधा प्रणाली की जानकारी उपलब्ध कराई जाएगी।

वैश्विक निवेशकों के लिए खुलेगा यूपी का बाजार

यूपीआईटीएस-2026 में वियतनाम, जापान, सिंगापुर, रूस, ऑस्ट्रिया और बेलारूस साझेदार देशों के रूप में शामिल होंगे। इन देशों की कंपनियां अपने उत्पादों, तकनीकों और कारोबारी अवसरों का प्रदर्शन करेंगी। करीब 100 अंतरराष्ट्रीय खरीदार जहां उत्तर प्रदेश के उत्पादों के लिए सोर्सिंग और खरीद के अवसर तलाशेंगे, वहीं 36 विदेशी प्रदर्शक अपने उत्पादों और औद्योगिक तकनीकों को प्रदर्शित करेंगे। विदेशी प्रतिनिधिमंडलों की मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ भी बातचीत प्रस्तावित है।

योगी सरकार की ओर से प्रदेश में तैयार किए गए निवेश-अनुकूल वातावरण को निवेशकों तक पहुंचाने के लिए आयोजन के दौरान बी2बी बैठकें, कंट्री सेशन, एग्जीक्यूटिव राउंडटेबल और सेक्टरल राउंडटेबल आयोजित किए जाएंगे। इनके माध्यम से निवेशकों को प्रदेश में कारोबार विस्तार, तकनीकी साझेदारी, प्रौद्योगिकी हस्तांतरण और नए निवेश की संभावनाओं से सीधे जोड़ा जाएगा।

सेक्टरल राउंडटेबल में निवेश और औद्योगिक अवसरों पर मंथन

उद्घाटन सत्र के बाद इन्वेस्ट यूपी विभिन्न क्षेत्रों पर केंद्रित राउंडटेबल और नॉलेज सेशन का समन्वय करेगा। इनमें ‘रीइमैजिनिंग ग्लोबल सप्लाई चेन्स : व्हाई उत्तर प्रदेश मैटर्स नाउ’, इलेक्ट्रॉनिक्स, सेमीकंडक्टर एवं ईएसडीएम इन्वेस्टर्स राउंडटेबल तथा फार्मा एवं मेडटेक स्ट्रैटेजिक सेशन प्रमुख हैं। इसके अलावा टेक्सटाइल एवं अपैरल, फूड प्रोसेसिंग तथा सीपीएसयू के माध्यम से निवेश और औद्योगिक विकास जैसे विषयों पर भी चर्चा होगी। इन सत्रों में नीति-निर्माता, निवेशक, उद्योग जगत के प्रतिनिधि और विशेषज्ञ संबंधित क्षेत्रों की नीतियों, उभरते अवसरों और विकास की संभावनाओं पर विचार-विमर्श करेंगे।

‘लोकल टू ग्लोबल’ विजन को मिलेगी नई गति

यूपीआईटीएस-2026 उत्तर प्रदेश के ओडीओपी उत्पादों, एमएसएमई, हस्तशिल्प, टेक्सटाइल, कृषि और खाद्य प्रसंस्करण जैसे क्षेत्रों को वैश्विक बाजारों से जोड़ने का महत्वपूर्ण मंच बनेगा। अंतरराष्ट्रीय खरीदारों और विदेशी प्रदर्शकों की भागीदारी से प्रदेश के उद्यमियों को नए कारोबारी संपर्क और बाजार उपलब्ध होने की संभावनाएं बढ़ेंगी। योगी सरकार के ‘लोकल टू ग्लोबल’ विजन के अनुरूप यह आयोजन प्रदेश के स्थानीय उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंचाने, निर्यात विस्तार को गति देने, तकनीकी साझेदारी बढ़ाने और नए निवेश आकर्षित करने के प्रयासों को मजबूत करेगा। यूपीआईटीएस-2026 के जरिए उत्तर प्रदेश अपने मजबूत औद्योगिक आधार, निवेश-अनुकूल नीतियों और कारोबारी सुविधाओं को वैश्विक निवेश समुदाय के सामने प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करेगा।

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