कल से बैंक हड़ताल, आज रविवार को भी खुले बैंक; 30 सितंबर तक रहेगा असर

छत्तीसगढ़ रायपुर

भोपाल.

अगर आपका बैंक से जुड़ा कोई भी जरूरी काम अटका हुआ है, तो उसे आज ही पूरा कर लें। 5 डे वर्किंग की मांग को लेकर मध्य प्रदेश के करीब 40 हजार बैंक कर्मचारी सोमवार से 30 सितंबर तक हड़ताल पर जा रहे हैं।

इसी वजह से भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने आम जनता की सहूलियत के लिए रविवार की छुट्टी होने के बावजूद आज सभी सरकारी बैंकों को खुला रखने का विशेष आदेश दिया है।

प्रदेश की 7 हजार शाखाओं में कामकाज रहेगा ठप
इस हड़ताल का असर पूरे मध्य प्रदेश में देखने को मिलेगा। प्रदेश भर में कुल 7 हजार बैंक शाखाएं हैं, जिनमें अकेले भोपाल की 400, इंदौर की 800 और उज्जैन की 300 ब्रांच शामिल हैं। हड़ताल में मुख्य रूप से स्केल-3 तक के अधिकारी और कर्मचारी शामिल हो रहे हैं। हालांकि, स्केल-4 या इससे ऊपर के वरिष्ठ अधिकारी बैंक में मौजूद रहेंगे, लेकिन स्टाफ न होने के कारण वे ग्राहकों को कोई सेवा नहीं दे पाएंगे।

रविवार को बैंक खोलने का क्या है कारण?
शनिवार और रविवार को बैंकों की नियमित छुट्टी होती है। इसके बाद सोमवार से लगातार तीन दिन की हड़ताल थी। ऐसे में बैंक लगातार 5 दिनों तक बंद रहते, जिससे हाहाकार मच सकता था। जनता को इसी भारी असुविधा से बचाने के लिए आरबीआई ने रविवार को बैंक शाखाओं के साथ-साथ करेंसी चेस्ट भी चालू रखने का फैसला किया है।

करोड़ों का लेन-देन होगा प्रभावित
बैंक कर्मचारियों के काम बंद करने से नकदी जमा करने, पैसे निकालने, चेक क्लियरिंग, पासबुक अपडेट कराने और ड्राफ्ट बनवाने जैसे सभी जरूरी काम पूरी तरह से रुक जाएंगे। हालांकि, राहत की बात यह है कि मोबाइल और इंटरनेट बैंकिंग जैसी डिजिटल सेवाएं निर्बाध रूप से काम करती रहेंगी। आपको बता दें कि मध्य प्रदेश में रोजाना लगभग 5500 करोड़ रुपये का बैंकिंग लेन-देन होता है, जिस पर इस हड़ताल का सीधा असर पड़ेगा। इससे पहले इसी महीने 11 से 13 सितंबर के बीच भी बैंकिंग सेवाएं बाधित रही थीं।

क्या है '5 डे बैंकिंग वीक' की मांग?
मौजूदा समय में बैंक कर्मचारियों को महीने के केवल दूसरे और चौथे शनिवार को छुट्टी मिलती है। बैंक यूनियनों की एक ही प्रमुख मांग है कि हर शनिवार और रविवार को पूर्ण अवकाश दिया जाए, यानी हफ्ते में केवल 5 दिन ही बैंक खुलें। इसके बदले में कर्मचारियों ने सोमवार से शुक्रवार तक हर दिन 40 मिनट अतिरिक्त काम करने का प्रस्ताव रखा है। यूनियनों का तर्क है कि इससे काम के घंटों का नुकसान भी नहीं होगा और कर्मचारियों को राहत भी मिलेगी।

What do you feel about this post?

0%
like

Like

0%
love

Love

0%
happy

Happy

0%
haha

Haha

0%
sad

Sad

0%
angry

Angry