ग्रेटर नोएडा
उत्तर प्रदेश के एमएसएमई मंत्री भूपेंद्र चौधरी ने कहा कि भारत की बदलती व्यापार नीति ने उत्तर प्रदेश के उद्यमियों और एमएसएमई क्षेत्र के लिए वैश्विक बाजारों के नए अवसर खोले हैं। भारत द्वारा विभिन्न देशों के साथ किए गए मुक्त व्यापार समझौतों से टेक्सटाइल, लेदर, इंजीनियरिंग गुड्स, जेम्स एंड ज्वेलरी, फार्मास्यूटिकल्स तथा ओडीओपी जैसे क्षेत्रों को लाभ मिल सकता है। 'लीवरेजिंग इंडियाज फ्री ट्रेड एग्रीमेंट्स फॉर ग्लोबल बिजनेस ग्रोथ' सेशन में उन्होंने कहा कि मुरादाबाद का पीतल, भदोही के कालीन, अलीगढ़ के ताले और कन्नौज का इत्र जैसे उत्तर प्रदेश के पारंपरिक उत्पादों में वैश्विक बाजार में अपनी पहचान मजबूत करने की क्षमता है। प्रदेश के विशाल एमएसएमई आधार, आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर, बेहतर कनेक्टिविटी और ई-इकोनॉमिक एक्सपोर्ट हब तथा लॉजिस्टिक सुविधाओं के विकास से निर्यातकों को नए बाजारों तक पहुंच बनाने में मदद मिल रही है। उन्होंने उद्यमियों और निर्यातकों से भारत के व्यापार समझौतों से उपलब्ध अवसरों का लाभ उठाने का आह्वान करते हुए कहा कि गुणवत्ता, नवाचार और प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता के बल पर उत्तर प्रदेश के स्थानीय उत्पादों को वैश्विक बाजार से जोड़कर ‘लोकल से ग्लोबल’ की दिशा में आगे बढ़ाया जा सकता है।
यूपीआईटीएस नए भारत के नए उत्तर प्रदेश की तस्वीर: नंद गोपाल गुप्ता नंदी
औद्योगिक विकास मंत्री नंद गोपाल गुप्ता नंदी ने कहा कि यूपीआईटीएस नए भारत के नए उत्तर प्रदेश की तस्वीर है, जो प्रदेश की स्थानीय ताकत, कारीगरों के हुनर और उद्यमियों की प्रतिभा को वैश्विक अवसरों से जोड़ने का प्रभावी मंच बनकर उभरा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश के व्यापार एवं औद्योगिक क्षेत्र को नई गति मिली है। वर्ष 2023 में शुरू हुआ यूपीआईटीएस अपने चौथे संस्करण तक पहुंच चुका है और इसमें विदेशी खरीदारों, प्रदर्शकों तथा विभिन्न देशों की भागीदारी प्रदेश की बढ़ती वैश्विक व्यापारिक पहुंच को दर्शाती है।
उन्होंने कहा कि यूपीआईटीएस के माध्यम से ओडीओपी, हस्तशिल्प, कृषि एवं खाद्य प्रसंस्करण, टेक्सटाइल, लेदर, इलेक्ट्रॉनिक्स सहित विभिन्न क्षेत्रों के उत्पादों को वैश्विक बाजार तक पहुंच बनाने का अवसर मिल रहा है। भारत के विभिन्न देशों के साथ व्यापार समझौतों और एफटीए से निर्यातकों के लिए नए अवसर खुले हैं, जिनका लाभ उत्तर प्रदेश के उद्यमी उठा सकते हैं। प्रदेश में एक करोड़ से अधिक एमएसएमई, बेहतर कनेक्टिविटी, मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर और प्रतिभाशाली युवाओं की उपलब्धता इसकी बड़ी ताकत है। जापान, वियतनाम, सिंगापुर, रूस, ऑस्ट्रिया और बेलारूस जैसे देशों की भागीदारी यूपीआईटीएस की वैश्विक पहुंच को दर्शाती है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश स्थानीय उत्पादों को वैश्विक बाजार से जोड़ते हुए विकसित भारत की विकास यात्रा में मजबूत भूमिका निभाने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।
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